बिहार के इस लाल के जज़्बे को सलाम, केवल 1 रुपये फीस लेकर बना रहा गरीब बच्चों को इंजीनियर

पटना
बिहार के एक गरीब परिवार में जन्मा यह लाल आज सैंकड़ों गरीब बच्चों को मात्र एक रुपये में पढ़ाकर इंजीनियर बना रहा है। जी हाँ बिहार के पटना के आर के श्रीवास्तव आर्थिक रूप से गरीब बच्चों को पढ़ा कर उन्हें शिक्षित कर रहे हैं। उन्होनें कई बच्चों को आईआईटी जैसे संस्थानों में भेज कर यह साबित कर दिया है कि अगर सही शिक्षा मिले तो गरीब के बच्चे भी ऐसे संस्थानों में अपनी जगह बना सकते हैं।

आरके श्रीवास्तव गणित के शिक्षक हैं और उनके पढ़ाने का तरीका भी कमाल का है। वे चुट्कुले और कबाड़ों के जरिये बच्चों को गणित के मुश्किल से मुश्किल सवाल समझा देते हैं। वे कई रिकॉर्ड भी अपने नाम करा चुके हैं। इन्हीं में से एक है 52 तरीकों से बिना रुके पाइथागोरस प्रमेय (Pythagoras Theorem) को सिद्ध करना। इसके लिए उनका नाम गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकोर्ड्स में भी दर्ज हो चुका है।

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रामानुजन और वशिष्ठ नारायण सिंह को आदर्श मानने वाले आरके श्रीवास्तव बाद में कोचिंग पढ़ाने लगे। गणित के लिए इनके द्वारा चलाया जा रहा निःशुल्क नाईट क्लासेज अभियान पूरे देश मे चर्चा का विषय बना हुआ है। इस क्लास को देखने और उनका शैक्षणिक कार्यशैली को समझने के लिए कई विद्वान उनके इंस्टीट्यूट आ चुके हैं।<br />
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संघर्षों से भरा रहा जीवन
आरके श्रीवास्तव का जीवन संघर्षों से भरा हुआ रहा। गरीबी से लड़ते हुए आरके ने किसी तरह से अपनी पढ़ाई पूरी की। लेकिन टीबी की बीमारी होने के कारण आईआईटी की परीक्षा नहीं दे पाये, जिसके बाद गरीबी कि वजह से उन्हें ऑटो चला कर अपने परिवार का पेट पालना पड़ा। लेकिन आरके ने संघर्षों से कभी हार नहीं मानी और बाद में बच्चों को कोचिंग पढ़ाने लगे और अब आज उन्हें पूरा देश सलाम कर रहा है।

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गरीब परिवार में जन्में आरके श्रीवास्तव का जीवन काफी संघर्ष से भरा रहा। जिससे लड़ते हुए वह अपनी पढ़ाई पूरी की। लेकिन, टीबी की बीमारी के कारण आईआईटी की प्रवेश परक्षा नहीं दे पाए। बाद में ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने लगे।</p>

निःशुल्क नाइट क्लासेज अभियान चलाया
आरके पूरे देश में गणित के निःशुल्क नाइट क्लासेज के कारण चर्चा का विषय बन गए। आरके 200 से ज्यादा क्लासेज़ पूरी रात 12 घंटे पढ़ा चुके हैं, जो अभी भी जारी है। इस काम के लिए आरके का नाम बुक ऑफ वर्ल्ड रिकोर्ड्स, एशिया बुक ऑफ रिकोर्ड्स, इंडिया बुक ऑफ रिकोर्ड्स में भी दर्ज हो चुका है।

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आरके श्रीवास्तव ने 200 से ज्यादा क्लास पूरी रात लगातार 12 घंटे गणित पढ़ाई है जो जारी है। इस काम के लिए इनका नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड्स, एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स, इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में भी दर्ज हो चुका है।<br />
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आरके रामानुजन और वशिष्ठ नारायण सिंह को अपना आदर्श मानते हैं। उनके शैक्षिण कार्यशैली को देखने और समझने के लिए देश के अलग अलग हिस्सों से कई विद्वान उनके इंस्टीट्यूट आ चुके हैं। लोगों का कहना है कि आरके सुपर 30 के आनंद कुमार के परंपरा के शिक्षक हैं। आरके कई गरीब बच्चों को शिक्षित कर आईआईटी जैसे संस्थानों में भेज चुके हैं। जिसके लिए आज पूरा देश बिहार के इस लाल को सलाम कर रहा है।

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आरके श्रीवास्तव ने 200 से ज्यादा क्लास पूरी रात लगातार 12 घंटे गणित पढ़ाई है जो जारी है। इस काम के लिए इनका नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड्स, एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स, इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में भी दर्ज हो चुका है।<br />
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