सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार। Image Source : ANI

सम्राट बोले- हम बहुत सह रहे हैं, जदयू के 43 एमएलए और सीएम, सरकार में चार विचारधाराएं

New Delhi : भारतीय जनता पार्टी के नेता और नीतीश कुमार सरकार के मंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को कहा कि बिहार में सरकार चलाना आसान नहीं है। यहां पर चार विचारधाराएं एकसाथ काम कर रही हैं। जनता दल यूनाइटेड को 43 सीटें आई हैं और भारतीय जनता पार्टी के 74 विधायक हैं। फिर भी मुख्यमंत्री जदयू का है। इसमें हम भी है और वीआईपी भी। सबको साथ लेकर चलना है और सबका सुनना भी है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश वाली स्थिति हमारी नहीं है। या फिर झारखंड वाली जहां भाजपा की बहुमत की सरकार थी। यहां पर गठबंधन के साथ आगे बढ़ना आसान नहीं है। पिछले साल बिहार में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में अंतिम समय में शामिल हुये थे।

औरंगाबाद में एक सभा को संबोधित करते हुये सम्राट चौधरी बोले- बिहार में हमारी गठबंधन सरकार है, यह हमारी स्वतंत्र सरकार नहीं है। बिहार में काम करना हमारे लिये बहुत चुनौतीपूर्ण है क्योंकि चार विचारधाराएं एक साथ काम कर रही हैं – जेडी (यू), एचएएम (जीतन राम मांझी द्वारा स्थापित) और वीआईपी ( मुकेश साहनी द्वारा स्थापित) ऐसे में हमें कई चीजें सहन करनी पड़ती हैं। चौधरी ने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की अपनी सरकार है वहां चीजें आसान हो जाती हैं। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में हमारी अपनी सरकारें हैं और झारखंड में भी सत्ता में हुआ करती थीं।
पंचायती राज मंत्री चौधरी ने कहा – भाजपा ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार किया, भले ही जद (यू) ने 43 सीटें जीतीं और भाजपा को 74 सीटें मिलीं। और यह पहली बार नहीं है। 2000 में भी, जद (यू) ने सिर्फ 37 सीटें जीती थीं और भाजपा ने 68-69 सीटें जीती थीं। इसके बावजूद पार्टी ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार किया। भाजपा कोटे से बिहार में मंत्री बने नेता ने पिछले हफ्ते कहा था कि पार्टी को 2015 की गलती नहीं दोहरानी चाहिये। हाजीपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुये उन्होंने 2024 के आम चुनाव और 2025 विधानसभा चुनावों के लिये तैयार रहने को कहा।
इस बीच, जद (यू) नेता उपेंद्र कुशवाहा ने रविवार को कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार “पीएम मैटेरियल” हैं और उनमें देश का प्रधानमंत्री बनने की क्षमता और सभी गुण हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में पेश किया जायेगा, कुशवाहा ने कहा- हम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में हैं और गठबंधन का दृढ़ता से समर्थन करते हैं। अभी इसमें कोई चर्चा नहीं हुई है। इधर जद (यू) नेता केसी त्यागी ने जून में घोषणा की थी कि पार्टी आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेगी और इसके लिये भाजपा के साथ सीट बंटवारे की व्यवस्था पर चर्चा करेगी और अगर यह काम नहीं करता है तो वे अकेले ही जायेंगे।

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