सरफराज को मिला टेस्ट कैप, रो पड़े पिता, पहले मैच में शानदार प्रदर्शन, पत्नी ने फ्लाइंग किस देकर किया स्वागत

NEW DELHI : सरफराज को मिला टेस्ट कैप, रो पड़े पिता, शानदार प्रदर्शन, पत्नी ने फ्लाइंग किस देकर किया स्वागत : भारतीय चयनकर्ता अनदेखी करते रहे और सरफराज खान घरेलू क्रिकेट में सैकड़े लगाते रहे…तब तक, जब तक चयनकर्ता उन्हें टीम में लेने को मजबूर नहीं हो गए। जीत की इस जिद का कारण था उनके पिता नौशाद खान का सपना। दिग्गज क्रिकेटर अनिल कुंबले ने जब गुरुवार को सरफराज को टेस्ट कैप थमाई तो पीछे खड़े पिता की आंखों से आंसू छलक उठे।

26 वर्षीय सरफराज भी नम आंखों से टेस्ट कैप अपने पिता के पास लेकर गए। नौशाद ने रोते हुए इस कैप को चूमा और सरफराज को गले लगा लिया। भावनाओं के इस ज्वार में दोनों के चेहरों पर ठंडे झोंके जैसा सुकून भी था और उस पीड़ा का भाव भी जो यहां तक पहुंचने के दौरान उन्होंने झेली।

सरफराज कहते हैं, यह मेरा सपना था कि अपने पिता के सामने भारतीय टीम के लिए खेलूं। यह मेरे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण है। वह भी भारत के लिए खेलना चाहते थे पर ऐसा नहीं हो पाया। तब घर से उतना समर्थन नहीं मिला। उन्होंने मुझ पर कड़ी मेहनत की।

सरफराज के कोच पिता ही रहे हैं। वह जर्सी नंबर भी 97 पहनते हैं क्योंकि इस संख्या में नौ व सात हैं जो उनके पिता के नाम से मिलते-जुलते हैं। सरफराज भारतीय टीम में खेलने वाले 311वें टेस्ट क्रिकेटर हैं। सरफराज के पिता कहते हैं, पहले जब मैं सरफराज पर कड़ी मेहनत करता था तो सोचता था कि मेरा सपना सच्चाई क्यों नहीं बनता। पर मैंने सरफराज को संयम बनाए रखने और उम्मीद न छोड़ने की सलाह दी।

सरफराज की पत्नी रोमाना जहूर भी मैदान पर मौजूद थीं। सरफराज ने उन्हें भी गले लगाया तो उनकी आखें भी डबडबा गईं। कश्मीर की रोमाना से सरफराज ने 2023 में शादी की थी।

भारतीय चयनकर्ता अनदेखी करते रहे और सरफराज खान घरेलू क्रिकेट में सैकड़े लगाते रहे…तब तक, जब तक चयनकर्ता उन्हें टीम में लेने को मजबूर नहीं हो गए। जीत की इस जिद का कारण था उनके पिता नौशाद खान का सपना। दिग्गज क्रिकेटर अनिल कुंबले ने जब गुरुवार को सरफराज को टेस्ट कैप थमाई तो पीछे खड़े पिता की आंखों से आंसू छलक उठे।

26 वर्षीय सरफराज भी नम आंखों से टेस्ट कैप अपने पिता के पास लेकर गए। नौशाद ने रोते हुए इस कैप को चूमा और सरफराज को गले लगा लिया। भावनाओं के इस ज्वार में दोनों के चेहरों पर ठंडे झोंके जैसा सुकून भी था और उस पीड़ा का भाव भी जो यहां तक पहुंचने के दौरान उन्होंने झेली।

सरफराज कहते हैं, यह मेरा सपना था कि अपने पिता के सामने भारतीय टीम के लिए खेलूं। यह मेरे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण है। वह भी भारत के लिए खेलना चाहते थे पर ऐसा नहीं हो पाया। तब घर से उतना समर्थन नहीं मिला। उन्होंने मुझ पर कड़ी मेहनत की।

सरफराज के कोच पिता ही रहे हैं। वह जर्सी नंबर भी 97 पहनते हैं क्योंकि इस संख्या में नौ व सात हैं जो उनके पिता के नाम से मिलते-जुलते हैं। सरफराज भारतीय टीम में खेलने वाले 311वें टेस्ट क्रिकेटर हैं। सरफराज के पिता कहते हैं, पहले जब मैं सरफराज पर कड़ी मेहनत करता था तो सोचता था कि मेरा सपना सच्चाई क्यों नहीं बनता। पर मैंने सरफराज को संयम बनाए रखने और उम्मीद न छोड़ने की सलाह दी।

सरफराज की पत्नी रोमाना जहूर भी मैदान पर मौजूद थीं। सरफराज ने उन्हें भी गले लगाया तो उनकी आखें भी डबडबा गईं। कश्मीर की रोमाना से सरफराज ने 2023 में शादी की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *