अनुभूति श्रीवास्तव और अर्पणा मेंशन जिसमें वे रहते हैं। यही छापेमारी हुई। Image Source : Live Bihar/ Vishal Kumar

शास्त्री जी का नाती और पूर्व IAS का बेटा काली कमाई का मसीहा- कई फ्लैट, जमीन, कैश बरामद

Patna : बिहार में बीपीएससी का टॉपर और एक रिटायर्ड IAS आफिसर का बेटा अकूत संपत्ति का मालिक निकला। अनुभूति श्रीवास्तव अपनी सैलरी से ज्यादस तो सिर्फ एलआईसी का प्रीमियम ही भर रहा था हर साल। इसके अलावा पटना, इंदौर समेत कई जगहों पर अपना फ्लैट। उच्च आदर्शों के साथ बीपीएससी में रिकॉर्ड नंबर लानेवाले अनुभूति श्रीवास्तव भ्रष्टाचार के दलदल में आकंठ डूबा मिला जबकि जब इसने बीपीएससी की थी तो भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को अपना आदर्श बताते थे। बात थोड़ी शर्मनाक भी है, क्योंकि हमारे प्यारे पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री इनके नाना भी हैं। कम से कम अनुभूति तो उन्हें अपना नाना बताते ही हैं। पर उनका नाती होने के बावजूद अनुभूति का आदर्श चला गया तेल लेने और लूट खसोट में पूरे बिहार में अपना नाम खूब कमाया। काली कमाई की भूख ऐसी कि कोरोना काल में मरीजों की सुविधा के लिये उपकरण आदि खरीदे गये, लेकिन सिर्फ कागज पर। पूरा पैसा खा लिया और डकार भी नहीं मारी। इसकी शिकायत जब सरकार तक पहुंची तो फौरी जांच कर पहले उन्हें सस्पेंड किया गया और आज विजिलेंस ने घर पहुंच कर छापा मारा।

इस छापे ने अनुभूति ने उसके पुर्खों को भी झकझोर कर रख दिया। अनुभूति इंजीनियर हैं और एमबीए भी। बिहार प्रशासनिक सेवा में आने से पहले वे हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड में पर्चेज ऑफिसर भी रह चुके हैं। बहरहाल हाजीपुर नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद से निलंबित अनुभूति श्रीवास्तव के फ्लैट पर छापेमारी आज 12 घंटे से ज्यादा चली। इस बीच एक के बाद एक खुलासे हुये। पटना के जिस फ्लैट में छापेमारी हुई उसके साथ ही अनुभूति श्रीवास्तव ने पटना में ही एक और फ्लैट खरीदा है। उनका तीसरा फ्लैट भी मिनी मुंबई के नाम से मशहूर इंदौर शहर में है। दोनों जगह के फ्लैटों के एग्रीमेंट पेपर टीम के हाथ में हैं।
हैरान करने वाली बात यह है कि उन्होंने अपने, पत्नी और बच्चों के नाम पर कई बीमा और म्यूचुअल फंड पॉलिसी ली हैं। कुल मिलाकर यह साहब हर साल 15 लाख रुपये से ज्यादा का ही प्रीमियम जमा करते हैं। यह सिलसिला पिछले कई सालों से चल रहा है। उनके पास इनोवा और अर्टिगा जैसी दो लग्जरी गाड़ियां भी हैं।
विशेष सतर्कता इकाई द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार छापेमारी के दौरान उनके हाथ में कई आपत्तिजनक कागजात भी आये हैं। टीम ने फ्लैट के हर कोने की तलाशी ली। उसके बाद बैंक से संबंधित दस्तावेज, दो लॉकर, बैंक में जमा सावधि जमा, एलआईसी में किये गये बड़े निवेश, रियल एस्टेट और कई अन्य जगहों का विवरण मिला है। टीम ने फ्लैट से नकदी भी बरामद की। लेकिन, वसूली गई राशि क्या है? इसका खुलासा नहीं किया। सबसे बड़ी बात यह है कि इस कार्रवाई के दौरान कई चल-अचल संपत्तियों का पता चला है, जो सरकार के पास जमा की गई संपत्ति के ब्योरे में नहीं है। वह हर साल सरकार को अपनी संपत्ति का गलत ब्योरा देते रहे। कई बार बिना सरकार को बताये विदेश यात्राएं कर चुके हैं।
एक डीएसपी के नेतृत्व में स्पेशल विजिलेंस की 10 लोगों की टीम अनुभूति श्रीवास्तव के फ्लैट पर बुधवार सुबह सात बजे से छापेमारी कर रही थी। आरोप है कि अनुभूति श्रीवास्तव ने सरकारी पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामलों को अंजाम दिया है। सरकार को उनके खिलाफ काफी शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद आंतरिक जांच की गई। 18 अगस्त को उन्हें हाजीपुर नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद से निलंबित कर दिया गया था। तब पटना के वीरचंद पटेल पथ पर विशेष विजिलेंस ने इनके खिलाफ एफआईआर नंबर 1/2021 दर्ज की।
इसके बाद आज टीम ने राजधानी के रुकनपुरा क्षेत्र के तिलक नगर स्थित अर्पणा मेंशन में छापेमारी की। इस अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर 407 अनुभूति श्रीवास्तव का है। यहां वह अपने परिवार के साथ रहता है। जब टीम ने छापा मारा तो परिवार घर के अंदर मौजूद था। हाजीपुर नगर परिषद के उपाध्यक्ष निकेत सिन्हा उर्फ ​​डब्ल्यू ने अनुभूति श्रीवास्तव के कारनामों की शिकायत वैशाली डीएम से की थी। उन पर बड़े पैमाने पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। आरोप है कि हाजीपुर नगर परिषद के लिये जीईएम पोर्टल के जरिये करोड़ों रुपये की मशीनें और सामान खरीदा गया। लेकिन, जमीनी स्तर पर ये खरीदे गये सामान और मशीनें नहीं हैं। सभी खरीद कागजों पर ही की जाती रही। हाजीपुर से पहले अनुभूति श्रीवास्तव की पोस्टिंग भभुआ में थी। वहां भी उन पर नगर परिषद में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था।

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