केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, अश्विनी चौबे का इस्तीफा, सुशील मोदी और ललन सिंह दरकिनार। Image Source : Agencies

बिहार को झटका : रविशंकर को हटाया, पारस की इंट्री, सुशील मोदी, ललन भी दरकिनार

New Delhi : बिहार के लिये मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार बेहद निराशाजनक ही माना जायेगा। किसी भी पैमाने पर केंद्रीय टेलीकॉम मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद को हटाकर लोजपा के नाम पर पशुपति कुमार पारस की इंट्री बेहद आश्चर्यजनक है। यही नहीं पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, जदयू कद‍्दावर ललन सिंह को भी इंट्री नहीं दी गई। जदयू से आरसीपी सिंह को जरूर न्यौता मिला है। अभी तक बारह मंत्रियों को हटाया गया है। इसमें सात कैबिनेट मंत्री और पांच राज्य मंत्री हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन, शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, श्रम मंत्री संतोष गंगवार, पर्यावरण राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री देबश्री चौधरी उस लिस्ट में हैं, जिनसे जबरन इस्तीफा लिया गया है। रविशंकर प्रसाद तो इस सरकार का चेहरा माने जा रहे थे। हर जगह सरकार का बचाव करते थे। ऐसे में उनका इस्तीफा बेहद चौंकानेवाला है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे की कुर्सी भी जाते जाते बच गई। शुरू में अफवाह उड़ी की केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन यह अफवाह ही साबित हुई। वैसे यह अफवाह न्यूज चैनल पर काफी देर तक चलती रही।

 

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के तहत आज 43 नेता शपथ लेंगे। इस सूची में भाजपा के नारायण राणे, सर्बानंद सोनोवाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अजय भट्ट, भूपेंद्र यादव, शोभा करंदलाजे, सुनीता दुग्गल, मीनाक्षी लेखी, भारती पवार, शांतनु ठाकुर और कपिल पाटिल, जद (यू) के आरसीपी सिंह, लोजपा के पशुपति पारस और शामिल हैं। अपना दल की अनुप्रिया पटेल। जी किशन रेड्डी, पुरुषोत्तम रूपाला और अनुराग ठाकुर सहित कुछ MoS भी हैं। सूत्रों ने कहा कि उन्हें ऊंचा किया जा सकता है।
बहुप्रतीक्षित फेरबदल से पहले, अब तक कम से कम बारह मंत्रियों ने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वाले बड़े नामों में स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और श्रम मंत्री संतोष गंगवार शामिल हैं। बाबुल सुप्रियो, देबाश्री चौधरी, रतन लाल कटारिया, संजय धोत्रे, थावरचंद गहलोत, प्रताप चंद्र सारंगी (MoS) और अश्विनी चौबे (MoS) सहित कई अन्य मंत्रियों ने भी अपना इस्तीफा दे दिया है। मंत्रियों के साथ बैठकों की एक श्रृंखला में पीएम और भाजपा के शीर्ष अधिकारियों द्वारा एक लंबी समीक्षा अभ्यास के बाद फेरबदल। ये विनाशकारी दूसरी कोविड लहर के मद्देनजर आयोजित किए गए थे, जिसने संकट के कुप्रबंधन के लिए सरकार की व्यापक आलोचना की है। मई 2019 में दूसरे कार्यकाल के लिए पदभार संभालने के बाद से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंत्रिपरिषद में यह पहला फेरबदल होगा।

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