चौकीदार बना अफसर, कोचिंग पढ़े बिना पास कर गया SDM की परीक्षा, रिजल्ट सुन खुशी से झूम उठे माता-पित

चौकीदार बना अफसर, कोचिंग पढ़े बिना पास कर गया SDM की परीक्षा, रिजल्ट सुन खुशी से झूम उठे माता-पिता

बाराबंकी जिले में रामनगर थाना क्षेत्र के सेमराय गांव के रहने वाले किसान अशोक कुमार के बेटे दीपक सिंह ने एसडीएम बनकर बाराबंकी जिले का नाम रोशन किया है. दीपक बचपन से ही पढ़ने-लिखने में होनहार थे. पिता अशोक कुमार 9वीं पास हैं और मां कृष्णा सिंह महज 5वीं पास लेकिन उनकी इच्छा थी कि उनके बच्चे खूब पढ़-लिखकर आगे बढ़ें. अशोक कुमार के दो बेटे और तीन बेटियां हैं. पिता अशोक ने कर्ज लेकर बेटे दीपक को बाराबंकी शहर पढ़ने के लिए भेजा.

शहर आकर दीपक ने एक कमरा किराए पर लिया और महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज में छठवीं क्लास में दाखिला लिया. दीपक ने साल 2012 में 83 फीसदी अंकों से हाईस्कूल और फिर साल 2014 में 92 फीसदी अंकों के साथ इंटरमीडिएट पास किया. इंटरमीडिएट पास करने के बाद दीपक ने लखनऊ विश्वविद्यालय में बीए में दाखिला लिया. उन्होंने 2017 में 70 फीसदी अंकों के साथ बीए किया. घर की माली हालत अच्छी नहीं थी, लिहाजा वह नौकरी की तलाश में जुट गए. इसी दौरान पुलिस भर्ती की जगह निकली, दीपक ने आवेदन किया और मेरिट के आधार पर उनका चयन हो गया. साल 2018 में उनकी नियुक्ति हरदोई जिले में सिपाही के पद पर हो गई लेकिन दीपक को अधिकारी बनना था, इसलिए वह ड्यूटी से जब भी कमरे पर लौटते अपनी तैयारी में जुट जाते.

उन्होंने पीसीएस की तैयारी शुरू की और पहले प्रयास में प्री क्वालीफाई नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दूसरे प्रयास के लिए जुट गए. इसमें भी वह सफल नहीं हो पाए. तीसरे प्रयास में उन्होंने प्री क्वालीफाई कर लिया तो उनमें उत्साह आ गया. उनकी मेहनत का नतीजा रहा कि वह यूपीपीसीएस 2023 की परीक्षा में सफल होकर एसडीएम बने और जिले का नाम रोशन किया.

दीपक सिंह ने बताया कि उन्हें अपने चयन को लेकर पूरा विश्वास था. उन्होंने अपने कमरे के व्हाइट बोर्ड पर परमानेंट मार्कर से एसडीएम लिख दिया था और आखिर उन्होंने एसडीएम बनकर उसे सच कर दिखाया. दीपक सिंह का चयन 20वें स्थान पर हुआ है. उनके चयन से न केवल उनके गांव में बल्कि उनके दोस्तों में जबरदस्त खुशी है. दीपक सिंह ने बताया कि पुलिस में नौकरी के दौरान कोचिंग और पढ़ाई में बाधा रहती थी, इसलिए खाली टाइम पर मोबाइल के माध्यम से यू ट्यूब और टेलीग्राम चैनल की फ्री कोचिंग से पढ़ाई पूरी की. उन्होंने कहा कि जो युवा पीसीएस की तैयारी करना चाहते हैं, उन्हें हिम्मत नहीं हारनी चाहिए. नियमित 8 से 10 घंटे स्टडी करनी चाहिए, चयन जरूर होगा.

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