महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ठाकरे और केंद्रीय मंत्री राणे। Image Soure : ANI

कान के नीचे थप्पड़- केंद्रीय मंत्री को गिरफ्तार कर घंटो रखा कैद में, मलामत के बाद देर रात जमानत

New Delhi : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के कान के नीचे एक थप्पड़ जड़ने की टिप्पणी को लेकर मंगलवार को रत्नागिरी में गिरफ्तार किये गये केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को महाड अदालत ने देर रात जमानत दे दी। दिन में गिरफ्तारी के बाद राणे को रायगढ़ जिले के महाड ले जाया गया जहां उन्हें अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान महाड़ पुलिस ने केंद्रीय मंत्री की 7 दिन की हिरासत की मांग की, हालांकि अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। भारी पुलिस सुरक्षा के बीच राणे को कोर्ट ले जाया गया। उनके बयान को लेकर दिनभर प्रदेश में शिवशैनिकों का हंगामा चलता रहा है। केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के खिलाफ महाड के साथ-साथ नासिक और पुणे में भी मामले दर्ज किये गये हैं। उनकी टिप्पणी से शिव सैनिकों में उबाल है और जगह जगह मामले दर्ज किये जा रहे हैं।

राणे को उनकी ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के दौरान रत्नागिरी जिले के पूर्व आरएसएस प्रमुख सदाशिवराव गोलवलकर ‘गुरुजी’ के पैतृक गांव गोलवाली में हिरासत में लिया गया और संगमेश्वर पुलिस स्टेशन ले जाया गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुंबई से 160 किलोमीटर दूर महाड में दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में दोपहर करीब 2.45 बजे केंद्रीय मंत्री को रायगढ़ पुलिस को सौंप दिया गया। महाड में प्राथमिकी आईपीसी की धारा 189 (लोक सेवक को चोट पहुंचाने की धमकी), 504 (सार्वजनिक शांति भंग करने के लिये जानबूझकर अपमान), और 505 (सार्वजनिक शरारत के अनुकूल बयान) के तहत दर्ज की गई है।
गिरफ्तारी के बाद राणे के समर्थकों ने संगमेश्वर थाने के पास विरोध प्रदर्शन किया। हिरासत में लेने के बाद डॉक्टर ने उनकी जांच की। भाजपा के एक नेता ने दावा किया कि राणे को हाई बीपी और शुगर है। डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी क्योंकि वे शुगर के मरीज हैं। सोमवार को जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान रायगढ़ जिले में ठाकरे को निशाना बनाने वाले राणे के बयान के बाद गिरफ्तारी की गई। उन्होंने अपने भाषण में कहा था- यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को आजादी के कितने साल हुये हैं, यह नहीं पता। वह अपने भाषण के दौरान स्वतंत्रता के वर्षों की गिनती के बारे में पूछने के लिये पीछे मुड़े थे। राणे ने कहा था कि अगर मैं वहां होता तो उसे कान के नीचे एक जोरदार थप्पड़ मारता।

राणे ने ठाकरे के खिलाफ अपनी टिप्पणी का बचाव करते हुये कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। गिरफतारी से थोड़ी देर पहले ही राणे ने दावा किया था- मैंने कोई अपराध नहीं किया है। आप इसे सत्यापित करके टीवी पर दिखाएं वरना मैं आपके (मीडिया) के खिलाफ मामला दर्ज कर दूंगा। कोई अपराध न करने के बावजूद, मीडिया मेरी संभावित गिरफ्तारी के बारे में अटकलें लगा रहा है। क्या आपको लगता है कि मैं एक सामान्य (साधारण) आदमी हूं?
राणे की टिप्पणी ने शिवसेना की तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। शिव सैनिकों ने मुंबई में एक पोस्टर लगाया जिसमें उन्हें ‘कोम्बडी चोर’ (चिकन चोरी करने वाला) कहा गया है। पांच दशक पहले चेंबूर इलाके में उनके द्वारा चलाये गये पोल्ट्री की दुकान के संदर्भ में है। उद्धव ठाकरे के खिलाफ राणे की टिप्पणी के बाद शिव सैनिकों ने मुंबई और कई अन्य शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसमें शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा कुछ क्षेत्रों में पथराव और भाजपा के कार्यालयों में तोड़फोड़ भी किया।
मुंबई में शिवसेना की युवा शाखा युवा सेना और भाजपा के कार्यकर्ता सांताक्रूज (पश्चिम) में जुहू तारा रोड पर राणे के आवास के पास आपस में भिड़ गये। एक अधिकारी ने बताया कि दोनों ओर से पथराव किया गया, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिये लाठीचार्ज किया। एक अधिकारी ने बताया कि राणे के आवास के बाहर भारी पुलिस सुरक्षा तैनात की गई है।
महाराष्ट्र सरकार की आलोचना करते हुए, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि राणे की गिरफ्तारी संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन है और उनकी पार्टी इस तरह के कार्यों से नहीं झुकेगी। एक ट्वीट में नड्डा ने कहा कि भाजपा को अपनी ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ में मिले “विशाल” जनसमर्थन ने प्रतिद्वंद्वियों को झकझोर दिया है। हम लोकतांत्रिक तरीके से लड़ते हैं। यात्रा जारी रहेगी। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि राणे का इरादा ठाकरे का अपमान करने का नहीं था। उन्होंने कहा- राणे का मतलब केवल यह था कि ठाकरे महाराष्ट्र के विकास के लिये कुछ नहीं कर रहे हैं और वह शायद ही कभी लोगों की समस्याओं को समझने के लिये मुंबई में अपने आवास ‘मातोश्री’ से बाहर निकलते हैं। ऐसे सीएम को सीट पर रहने का अधिकार नहीं है।

शिवसेना सांसद विनायक राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के खिलाफ अपनी टिप्पणी पर राणे को बर्खास्त करने की मांग की। नासिक के पुलिस आयुक्त दीपक पांडे ने मंगलवार को राणे की गिरफ्तारी का आदेश दिया और शहर की पुलिस की एक टीम कोंकण क्षेत्र के लिये रवाना हुई। ठाकरे के खिलाफ अपनी टिप्पणी को लेकर महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को चुनौती देते हुये राणे ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग की। रत्नागिरी की एक अदालत ने राणे की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। (Input : www.livebavaal.com)

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