धान की किस्म को बारीकी से देखते जिलािधिकारी अभिषेक सिंह (उजले मास्क में)। Image Source : Social Media

सोनभद्र के डीएम पैंट-शर्ट में खुद ही उतर गये खेत में और कहा- खेती-किसानी से ही हमारा वजूद

Patna : उत्तर प्रदेश में सोनभद्र के जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने फॉर्मल पैंट-शर्ट में ही खेत में घुसकर धन रोपणी करने लगे। उनकी इस अदा को देख सभी चकित रह गये। दरअसल सोनभद्र को जल्द ही कृषि विज्ञान केंद्र की नई सौगात मिलने जा रही है। जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने उस जमीन का स्थल निरीक्षण किया, जहां नये कृषि विज्ञान केंद्र का निर्माण होना है। इस दौरान उन्हें पता चला चला कि मगुराही कृषि फार्म में धान की खेती रोपणी के लिये तैयार है। ऐसे में उनसे रहा नहीं गया और वे कृषि फार्म की खेत में पेंट शर्ट समेट कर घुस गये और धान की रोपणी करने लगे। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे कम लागत में वैज्ञानिकों की राय मानते हुये खेती करें, इससे किसानों का मुनाफा काफी बढ़ जायेगा। उन्होंने कहा कि खेत में प्रवेश का मात्र एक ही उद‍्देश्य है कि किसान अगैती खेती का महत्व समझें। और जिले के किसान अपनी इनकम बढ़ा सकें।

बता दें कि मगुराही कृषि फार्म के खेत में कृषि विभाग उन्नतशील बीजों की मदद से कृषि उत्पादन करता है। जिलाधिकारी ने CR-1 और CR-4 धान की प्रजाति को रोपित किया। जिलाधिकारी के साथ जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय, नायब तहसीलदार रवि प्रजापति सहित अन्य कर्मचारियों ने भी धान रोपित किया। जिलाधिकारी को धान की रोपाई करते देख धान रोपने वाले मजदूर उत्साहित दिखे। जिलाधिकारी ने धान की रोपाई करने वाले मजदूरों को समय से मजदूरी देने के साथ ही उनकी बेहतर रहन-सहन पर भी ध्यान दिया।
उन्होंने मौके पर ही संवाददाताओं से बात करते हुये कहा कि अगर किसान जमीन की जरूरतों को ध्यान में रखकर खेती करेंगे तो उनकी इनकम बहुत बेहतर होगी। किस जमीन पर कितनी पानी रहती है। किस जमीन पर कम पानी ठहरता है। उसी हिसाब से खेती करनी होगी।
जहां पानी सामान्य हो, वहां पर कम दिनों वाली धान की अगैती खेती करनी चाहिये। और जहां पर पानी कम ठहरता हो वहां पर दलहन व तिलहन की खेती करनी चाहिये। वैज्ञानिक आधार पर जमीनों का चयन कर खेती करने से सबको बेहतर लाभ मिलेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि कम लागत में अधिक उत्पादकता की खेती पर विशेष ध्यान देना होगा। खेती के साथ बाग-बगैचा, बागवानी के साथ ही रोजमर्रे की आमदनी वाली साग-भाजी की खेती पर भी ध्यान देना चाहिये।

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