लॉकडाउन 3 के लिये रहिये तैयार : 26 मई से 5 जून तक प्रभावी होगा, ग्रामीण इलाकों में ज्यादा सख्ती

पटना : बिहार में लॉकडाउन का कोरोना के बढ़ते मामलों पर बहुत बढ़िया और सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। बिहार में एक्टिव मरीजों की संख्या पचास हजार से भी कम हो गई है। यही नहीं हॉस्पिटल पर भी अब पहले की अपेक्षा पचास प्रतिशत ही दबाव है। इन सब परिणामों के बाद फुल रिजल्ट के लिये बिहार सरकार एक बार फिर से लॉकडाउन लगाने का निर्णय ले सकती है। अभी लॉकडाउन 25 मई तक है। 26 से फिर लाम्कडाउन जून के पहले हफते तक प्रभावी रहेगा। बिहार सरकार ऐसा मान कर चल रही है कि इससे बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और बिहार में कोरोना को जड़ से समप्त करने में मदद मिल सकती है। दो दिन बाद इस मसले पर अहम फैसला लेने के लिये क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक होने वाली है। इस बैठक में लॉकडाउन के प्रारूप और इसक प्रभाव को लेकर व्यापक चर्चा होगी।

शनिवार को संवाददाताओं से बात करते हुए बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि अब कोरोना के मामले बहुत कम होते जा रहे हैं। पॉजेटिविटी रेट 3 फीसदी के आसपास है। ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि कोरोना का तीसरा लहर भी आयेगा। उससे निपटने के भी भरपूर इंतजाम हो रहे हैं। किसी भी चीज की कमी नहीं होगी। दूसरे लहर में जो कमियां थी उसे दुरुस्त करके हम किसी भी खतरे से निपटने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कहीं कोई प्रबंधन की कमी अस्पतालों में नहीं होने दी जायेगी।
ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की होने वाली बैठक में इस बार लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा सक्रियता दिखानी है। लॉकडाउन टू में ग्रामीण क्षेत्रों को बहुत हद तक रियायतें दी गईं थी। और चूंकि ऐसा माना जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इसका प्रसार तेजी से हो रहा है इसलिये ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा सख्ती करना है। बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर में बिहार में 5 मई से 15 मई तक लॉकडाउन वन और 16 मई से 25 मई तक लॉकडडाउन टू है। 26 मई से लॉकडाउन थ्री शुरू होगा जो जून के पहले हफते मक चालू रहेगा।

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