सुशांत सिंह राजपूत की ममेरी बहन दिव्या गौतम ने भी BPSC में मारी बाजी, लड़कियों ने बजाया डंका

Patna : बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन की ओर से 64वीं संयुक्त परीक्षा का रिजल्ट रविवार को जारी कर दिया गया है। इस परीक्षा में सुशांत सिंह राजपूत की ममेरी बहन दिव्या गौतम का सेलेक्शन भी बीपीएससी में हुआ है। उन्होंने कहा कि नियमित तैयारी से कठिन से कठिन परीक्षा को भी पास किया जा सकता है। दिव्या गौतम वर्तमान में पटना वीमेंस कॉलेज में एसिस्टेंट प्रोफेसर हैं। इससे पहले वो बिहार और झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग से जुड़कर काम भी कर चुकी हैं। जवाहर नवोदय विद्यालय, सुपौल से बारहवीं तक की पढ़ाई करनेवालीं प्रिया गुप्ता का भी बीपीएससी में सेलेक्शन हुआ है। बारहवीं के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और अब सप्लाई इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्त होंगी। अररिया की केशिका कुमारी का सेलेक्शन रेवेन्यू ऑफिसर के लिये हुआ है। अररिया के डॉक्टर गोपाल कुमार झा की पत्नी हैं।

 

बीपीएससी परीक्षा में टॉप टेन में भले लड़कियां न हों लेकिन आवरऑल लड़कियों के सेलेक्शन का प्रतिशत काफी ऊॅंचा रहा है। इस लिस्ट में कई ऐसे नाम हैं, जिन्होंने गरीबी से उठकर यह मुकाम हासिल किया है। अररिया प्रखंड के जमुआ पंचायत के फूलवड़ी गांव के शिवशंकर मिश्रा की लड़की और डा. गोपाल कुमार झा की पत्नी केशिका कुमारी ने परीक्षा में पास करके अररिया जिले सहित माता पिता का नाम को रौशन कर दिया है। केशिका कुमारी का चयन #Revenue_officer (CO) में हुआ है। बेगूसराय के छौड़ाही प्रखंड के मध्य विद्यालय शेखा टोल अनुसूचित में कार्यरत प्रखंड शिक्षिका नेहा भारती ने भी बाजी मार ली है। नेहा प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी बनेंगी।
टेढ़ागाछ के हरहरिया गांव की रचना कुमारी राजस्व पदाधिकारी के पद पर चुनी गईं। बेटी की कामयाबी से गणेश कुमार सिन्हा के घर उत्सव का माहौल है। अररिया की रहने वाली शिक्षिका मासूमा खानम ने भी इस परीक्षा में चयनित होकर इलाके का नाम रोशन किया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता मान्यवर राजेंद्र सिंह जी की भतीजी शिबू अपने पहले हीं प्रयास में परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त की है।
बीपीएससी में ओम प्रकाश गुप्ता ने टॉप करके इतिहास रच दिया है तो विद्यासागर को दूसरा स्थान मिला है। ओम प्रकाश गुप्ता फतुहा के एक छोटे किराना व्यवसायी के पुत्र हैं। अभाव में पलने के बाद भी उन्होंने सपने बड़े देखे और उसे हासिल भी किया। दूसरी तरफ विद्यासागर सुपौल के रहनेवाले हैं और उनके पिता हरिनंदन यादव सुपौल में प्राइमरी टीचर हैं। मां पावित्री देवी होम मेकर हैं। हालांकि विद्यासागर का चयन पिछले साल IRAS यानी इंडियन रेलवे एकाउंट सर्विस के लिए हो गया और दिसंबर 2020 में उन्होंने उसे ज्वाइन भी कर लिया। अभी उसी सर्विस में हैं।

वैसे इस बार सबसे अचरज वाली बात यह है कि टॉप टेन में किसी लड़की का नाम नहीं है। एक से दस तक केवल लड़के ही हैं। तीसरे नंबर पर अनुराग आनंद और चौथे टॉपर में विशाल का नाम है। परिणाम सूची के मुताबिक छठे, नौवें और दसवें नंबर के टॉपरों ने बिहार पुलिस सेवा को प्राथमिकता दी है। शेष सात टॉपरों ने बिहार प्रशासनिक सेवा को प्राथमिकता दी है। बिहार प्रशासनिक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक ने बताया – पहले आधिकारिक तौर पर रिजल्ट को पास किया गया। उसके बाद वेबसाइट पर जारी किया गया है। छात्र अपना रिजल्ट आयोग के वेबसाइट पर जाकर आसानी से देख सकते हैं।
BPSC की ओर से जारी रिजल्ट में कहा गया है कि इस बार सभी कोटे में ओम प्रकाश गुप्ता ने टॉप किया है। वहीं विद्यासागर दूसरे स्थान पर रहे। शशांक बर्णवाल को पांचवां, अजीत कुमार को छठा, आलोक कुमार को सातवां, निखिल कुमार को आठवां, राघवेंद्र मणि त्रिपाठी को नौवां और दीपक कुमार को दसवां स्थान मिला है। बोर्ड ने आगे बताया कि इस बार 11 पदों पर रिजल्ट जारी नहीं किया गया है। यानी 1454 पद BPSC की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है – राज्य में अनुमंडल पदाधिकारी एवं वरीय उप समाहर्ता के 28, बिहार पुलिस सेवा के 40, वाणिज्य कर अधिकारी 10, बिहार कारा सेवा के काराधीक्षक दो, आपूर्ति निरीक्षक 223, राजस्व अधिकारी एवं समकक्ष 571, नगर कार्यपालक पदाधिकारी 7, प्रखंड पंचायत पदाधिकारी के 133 पद पर नियुक्ति की जायेगी।
बताते चलें कि 2019 में आयोजित इस परीक्षा में 3 लाख के करीब छात्र शामिल हुये थे। वहीं जुलाई 2019 में मेंस परीक्षा ली गई थी। मेंस में शामिल 3799 उम्मीदवार सफल हुये थे और उन्हें आयोग ने इंटरव्यू के लिये बुलाया था। इनमें 1465 उम्मीदवारों का फाइनल चयन होना है। रिजल्ट BPSC के वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर देखा जा सकता है।

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