सोशल मीडिया पर सुशील मोदी को बहुत गाली देते थे, अब जायेंगे जेल, पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है

PATNA : बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद सुशील मोदी सोशल मीडिया पर हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं। सवभाविक है कि अपने तर्कों की वजह से वो सोशल मीडिया पर मौजूद सभी पक्ष के लोगों को संतुष्ट कर सकें। तो जो सहमत नहीं होते सवाल उठाते हैं और आपत्ति भी दर्ज कराते हैं। यहां तक तो ठीक है लेकिन कुछ टुच्चे, लुच्चे जो ट्रोल से भी गये गुजरे होते हैं वे गाली गलौज पर उतर आते हैं। अगर ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई न हो, उन्हें टोका और रोका न जाये तो उनका हौसला बढ़ता जाता है। सो हाल ही में सुशील मोदी की एक फेसबुक पोस्ट आदतन कुछ टुच्चों ने अभद्र भाषा, गाली देना शुरू कर दिया। अब इन टुच्चों को टोकने और रोकने की पहल की है भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता राणा यशवंत प्रताप सिंह ने, जिन्होंने 20 लोगों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करवाई है।

एक्ट चाहे जो भी लगा हो लेकिन इन गाली देनेवाले लोगों को सबक तो मिलना तय है और जेल भी भेजे जाएंगे। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता राणा यशवंत सिंह ने कहा- सुशील मोदी के खिलाफ लगातार इस तरह की टिप्पणी की जा रही है। ऐसी घटनाएं कम होने की बजाय बढ़ रही हैं। ऐसे में ये चिंता का विषय बन गया था। यही कारण है कि मैंने नगर थाने में आवेदन दिया है। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी, आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
इधर विपक्षी दल राजद के कई नेताओं ने बिहार में व्यापक पैमाने पर बंद स्वास्थ्य केंद्रों की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। बता दें कि बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के मामले में बिहार में विपक्ष लगातार सरकार को आईना दिखा रहा है। ग्रामीण इलाकों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य उप केंद्रों की फोटो हर दिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तस्वीरों में दिखाया जा रहा है कि किस तरह अस्पताल बंद पड़े हैं और इनपर गाय व भैंस का कब्जा है। गांव के लोग इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं। विपक्ष ने सीबीआई से इसकी जांच कराने की मांग की है।
सरकारी अस्पतालों की जमीन कब्जा मुक्त कराने की लड़ाई लड़ रहे सोशल एक्टिविस्ट विकास चंद्र उर्फ गुड्डू बाबा ने कहा कि सिविल सर्जन के अधीन बिहार की जितनी अस्पतालें हैं अधिकांश की जमीन पर कब्जा है। अस्पतालों की चाहरदीवारी नहीं बनाई गई। जहां बनाई गईं वहां टूटी पड़ी हैं।

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