छात्रावास के बाहर प्रदर्शन करती छात्राएं। Image Source : Live Bihar/Vishal kumar

तालिबानी फरमान : बुर्के में रहो, पैंट मत पहनो, छात्राओं का हंगामा, पथराव- यहां नहीं चलेगा शरिया कानून

Patna : आज भी लोग पुरानी परंपराओं की चादर में महिलाओं पर तालिबानी आदेश चलाने से बाज नहीं आते हैं। ऐसा नहीं है कि तालिबानी आदेश चलानेवाले सिर्फ पुरुष ही होते हैं। कहीं कहीं तो महिलाएं भी महिलाओं को सतानेवाले कानून को ही प्रभावी करने में मजे लेती हैं। ऐसा ही एक मामला भागलपुर में भी सामने आया है। भागलपुर के अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास की अधीक्षक के भी फरमान कुछ इसी तरह के हैं। उन्होंने छात्रावास की सभी लड़कियों के लिये बुर्का अनिवार्य कर रखा है। पैंट टीशर्ट पहनने पर मनाही है। जो लड़की बुर्का नहीं पहनती है, उसके साथ कड़ाई की सारी सीमाओं को लांघते हुये गाली-गलौज तक पर उतर आती हैं। लेकिन शुक्रवार को छात्राओं का धैर्य जवाब दे गया। छात्राओं ने अधीक्षक नाहिदा नसरीन को हटाने को लेकर शुक्रवार को हंगामा किया। लड़कियां सामने सड़क पर आकर विरोध करने लगीं। अधीक्षक ने छात्रावास का गेट नहीं खोला तो छात्रों ने अंदर से गेट पर ईंट-पत्थर फेंके।

 

छात्राओं ने बताया – अधीक्षक गाली-गलौज करती हैं। हमेशा बुर्के में रहने को कहती हैं। तालिबान की तरह यहां भी शरिया कानून लागू करना चाहती हैं। गर्मियों में पैंट पहनने पर वह चीखती-चिल्लाती है। घरवालों को झूठी सूचना देती हैं कि आपकी बच्ची लड़कों से बात करती है। छात्राओं के हंगामे की सूचना पर नाथनगर की सीओ स्मिता झा छात्रावास पहुंचीं। लालमटिया थाने की पुलिस जब छात्रावास पहुंची तो अधीक्षक ने छात्रावास का ताला खोल दिया। अधिकारियों ने छात्राओं से आवेदन की जांच करने को कहा तो हंगामा शांत हो गया।
इधर अधीक्षक ने सारे आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि छात्रावास में दो बहनें हैं जिनमें से एक नगमा अनवर अपने पिता के नाम की धौंस देकर हटाने की धमकी देती है। छात्रा की दूसरी बहन छात्रावास में रहकर बीएन कॉलेज में नौकरी करती है, जो नियम के खिलाफ है। मना करने पर अन्य छात्राओं को भड़का रहीं हैं और विरोध कर रहीं हैं। छात्रा दरख्शा अनवर ने कहा कि उसके पिता पर अपराधी होने का आरोप है, तो इसमें उसका क्या दोष है। अधीक्षक मुझे डॉन की बेटी कहकर हॉस्टल से बाहर निकालना चाहती हैं।
रिसर्च स्कॉलर नेदा फातिमा ने कहा – अगर लड़कियां गर्मी में पतलून पहनती हैं या स्कूटी पर किसी छात्रा से बात करती भी नजर आ जाती हैं तो अधीक्षक उन्हें गालियां देने लगती हैं। वे तालिबान की तरह शरिया कानून लागू करना चाहती हैं। छात्रावास की एक पूर्व छात्रा ने बताया कि अधीक्षक हमेशा बुर्के में रहने को कहती हैं।
टीएमबीयू पहुंची लड़कियों ने जिला कल्याण अधिकारी को बताया कि अधीक्षक अब सभी को निकाल देगी। इस पर जिला कल्याण अधिकारी ने कहा कि बिना पूर्व सूचना के छात्राओं को नहीं हटाया जायेगा। बताया गया है कि कुछ दिन पहले नाथनगर सीओ और पुलिस ने इस छात्रावास में हथियार होने की आशंका पर जांच की थी। हालांकि मामला बकरी के बच्चे को लाने का निकला। अधीक्षक ने बताया कि एक छात्रा दुपट्टे में छिपाकर बकरी के बच्चे को लेकर आई थी। पूछने पर छात्र ने कहा कि यह बकरी का बच्चा है, क्या मैं बम और गोला बारूद लाऊं?

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