नाव पर कुर्सी लगा कर बैठे तेज प्रताप, बाढ़ में चारों तरफ ‘लालू रसोई’ के चर्चे

पटना
बिहार में हर साल की तरह बाढ़ की आफत है। सरकारें आती हैं, अपना कार्यकाल पूरा करती हैं, फिर चुनाव आते हैं, फिर सरकारें आती हैं और इसी तरह हर साल बाढ़ भी आती है। बिहार और बाढ़ का ये याराना काफी पुराना है। इस साल बिहार बाढ़ में चर्चे लालू रसोई के हैं। आरजेडी नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप लालू रसोई चला रहे हैं। ये बाढ़ पीड़ितों को राहत देने की उनकी अलग से मुहिम है। इसी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए तेजप्रताप बाढ़ग्रस्त सोनपुर विधानसभा पहुंचे थे। लेकिन यहां तेजप्रताप का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। पूर्व मंत्री तेजप्रताप ने राहत सामग्री बांटने के लिए नाव पर ही एक कुर्सी लगा ली थी। कुछ देर तो उन्होंने नाव का चप्पू भी चलाया।

तेजप्रताप और उनकी टीम ने सोनपुर के बाढ़ ग्रस्त इलाकों का दौरा किया। इस दौरान बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी गई। तेज प्रताप के एक समर्थक ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘हमारे नेता तेजप्रताप यादव को चिन्ता बिहार के पीड़ित जनता का है और सरकार को चिन्ता चुनाव और सत्ता का हैं। बाढ़ग्रस्त सोनपुर विधानसभा के भिन्नी टोला में लालू रसोई के माध्यम से तमाम बाढ़ग्रस्त जनमानस को खाना खिलाया गया और पीड़ितों के बीच जाकर उनके दर्द को समझा गया।’

इस ट्वीट को तेजप्रताप ने अपने आधिकारिक हैंडल से रीट्वीट भी किया है। खुद तेजप्रताप ने भी गुरुवार को अपने सोनपुर बाढ़ग्रस्त इलाके के दौरे की जानकारी ट्विटर पर दी है। तेजप्रताप के हैंडल से बाढ़ राहत सामग्री बांटते और लोगों से उनकी परेशानियों में हाल-चाल पूछत तस्वीरों को भी ट्वीट किया गया है। तेजप्रताप ने इस ट्वीट में लिखा है, ‘सोनपुर के बाढ़ग्रस्त इलाकों में हर गाँव के हर घर तक पहूँचा और लालू रसोई के माध्यम से कच्चे राशन के पैकेट का वितरण किया।।’

इन तस्वीरों में से कुछ में तेजप्रताप नाव पर लाल रंग की प्लास्टिक कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं। तेजप्रताप का यह अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय है। इस यात्रा के दौरान तेजप्रताप ने नीतीश सरकार पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन वाली नीतीश सरकार चुनाव कराने में व्यस्त है, जबकि बिहार की जनता को कोरोना महामारी के साथ बाढ़ से भी जूझना पड़ रहा है। तेजप्रताप ने लोगों को आश्वासन दिया कि लालू रसोई के माध्यम से अधिक से अधिक पीड़ित लोगों तक पहुंचने का काम जारी रहेगा।

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