दोनों भाई पार्टी पर वर्चस्व की लड़ाई में भिड़ गये हैं। Image Source : Facebook/TejPratapYadavOfficial

तेजप्रताप का ऐलान- छात्र जनशक्ति परिषद नाम से नये संगठन की स्थापना करेंगे, पूरे प्रदेश के युवाओं को जोड़ेंगे

Patna : राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के लाल विधायक तेज प्रताप यादव की अपनी पार्टी से नाराजगी दूर नहीं हो सकी है। वे इशारों में रोज इसको जताते आ रहे थे लेकिन रविवार को उन्होंने इस नाराजगी का ऐलान कुछ अलग अंदाज में किया। उन्होंने छात्र जनशक्ति परिषद नामक एक नये संगठन की स्थापना की घोषणा की है। उन्होंने ट्वीट किया कि जैसे सभी दलों का एक हिस्सा है, वैसे ही हमने राष्ट्रीय जनता दल का एक नया संगठन भी बनाया है। यह संगठन छात्रों की शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय के लिये आवाज उठायेगा। तेज प्रताप के इस ऐलान पर भारतीय जनता पार्टी ने तंज कसा है। भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव निखिल आनंद ने कहा कि लालू प्रसाद यादव जी ने सामाजिक न्याय के नारे को खूब पीटा था, लेकिन वह अपने परिवार में न्याय नहीं कर सके।

उन्होंने कहा- वरिष्ठता के मामले में परिवार के सदस्यों के बीच उनकी सम्मानजनक भूमिका तय नहीं की। अब बड़ी बेटी मीसा भारती और बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को परिवार और राजनीति की व्यवस्था से जबरन बाहर कर दिया गया है। लालूजी ने परिवार और राजनीति की सारी विरासत छोटे बेटे तेजस्वी यादव को सौंप दी है। ऐसे में परिवार के उपेक्षित सदस्यों की निराशा की अभिव्यक्ति तो किसी न किसी रूप में सामने आयेगी ही।
बता दें कि जन्माष्टमी के बाद से तेज प्रताप लगातार ट्विटर पर भगवत गीता और महाभारत से जुड़े उपदेश ट्वीट कर इशारों ही इशारों में अपने भाई तेजस्वी यादव व जगदानंद सिंह पर हमला बोल रहे हैं। इसके साथ वह श्रीकृष्ण और अर्जुन की तस्वीर भी शेयर कर रहे हैं। पिछले शनिवार की देर रात उन्होंने एक ट्वीट में लिखा था- अहंकार मनुष्य और मानव समाज का इतना बड़ा दुश्मन है, जो पूरी मानव जाति के दुख का कारण और विनाश का द्वार बन जाता है। इस ट्वीट के साथ उन्होंने महाभारत के युद्ध में गुस्से में रथ का पहिया पकड़े श्रीकृष्ण की तस्वीर साझा की है। अब हर कोई तेजप्रताप यादव के ट्वीट को लेकर कयास लगा रहा है।
इससे पहले 3 सितंबर को तेज प्रताप ने भगवत गीता की शिक्षाओं पर ट्वीट करते हुये लिखा था कि कर्म करने वाला ही फल की इच्छा को छोड़कर अपने जीवन को सफल बनाता है। इसके अलावा उन्होंने ट्वीट किया कि अर्जुन आये दिन मन बेचैन रहता है और उस पर काबू पाना मुश्किल होता है, लेकिन अभ्यास से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। तेजप्रताप अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को पहले भी कई बार अर्जुन कहकर संबोधित कर चुके हैं। अब हर कोई अंदाजा लगा रहा है कि वो इस ट्वीट के जरिये तेजस्वी यादव को क्या मंत्र देना चाहते हैं।

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