क्या अमित शाह से पहले राहुल गांधी ने फिक्स कर दी डील? बिहार की ये खबर बड़ी है

पटना

क्या महागठबंधन में सीट शेयरिंग का विवाद सुलझ गया है? मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से खबरें कुछ ऐसी ही सामने आ रही हैं। आपको बता दें कि महागठबंधन में राजद और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग के मुद्दे को लेकर तनाव चल रहा था। गठबंधन में अधिक घटक दल होने के चलते किसी न किसी की बात अटक ही जा रही थी। लेकिन अब शायद सबकुछ ठीक कर लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तेजस्वी यादव और राहुल गांधी के बीच हुई बातचीत के बाद महागठबंधन के गतिरोध को खत्म कर दिया गया है। हालांकि ये अभी अपुष्ट सूत्रों से आने वाली खबर है लेकिन बिहार की राजनीति की जरूरी खबर है, इसलिए हम आपतक इसे विस्तार से पहुंचा रहे हैं।

तो क्या शाह से पहले राहुल गांधी ने फिक्स कर दी डील?

आपको बता दें कि सीट शेयरिंग का मुद्दा एनडीए में भी फंसा हुआ है। एनडीए में इस मुद्दे को लेकर पटना से लेकर दिल्ली तक ताबड़तोड़ बैठकों का सिलसिला जारी है। दिल्ली में जहां अमित शाह चिराग पासवान को मनाने में जुटे हैं तो बिहार में जेडीयू और भाजपा सीटें तय कर रहे हैं। इस बीच विपक्षी खेमे से आई खबर ने एनडीए के माथे की चिंता की लकीरें बढ़ा दी हैं। अबतक एनडीए की तरफ से किसी फॉर्म्युला को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। जेडीयू और चिराग के अड़ने से पेच फंसा हुआ है।

महागठबंधन में ये फॉर्म्युला सामने आया

आपको बता दें कि सीट शेयरिंग के मुद्दे पर गतिरोध बढ़ता देख तेजस्वी यादव ने सीधे राहुल गांधी से बात की है। इसके बाद मीडिया में एक कथित फॉर्म्युला सामने आया है। इसके मुताबिक कांग्रेस के हिस्से में 68 सीटें आने की बात कही जा रही हैं। वहीं राजद 138 सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार बताई जा रही है। सीपीआई एमएल को 19 और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को 10 सीटें देने की बात हुई है। अभी सीटों की फाइनल टैली में बदलाव मुमकिन है। हालांकि अगर ये डन डील है और इसकी घोषणा हो जाती है तो ये एक तरह से महागठबंधन की बढ़त मानी जाएगी। महागठबंधन इस बात का मनोवैज्ञानिक असर बना सकती है कि उसका कुनबा अब सेट है जबकि एनडीए में भगदड़ है।

पहले चरण का हो चुका है आगाज

आपको बता दें कि एक अक्टूबर से ही बिहार विधानसभा के पहले चरण का आगाज हो चुका है। पर्चा भरने का दौर शुरू हो चुका है। पहले चरण में 71 सीटों के लिए 28 अक्टूबर को मतदान होना है। इसके बावजूद अभी सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की ही अपनी रार ही सुलझने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि इस बीच महागठबंधन को लेकर ये जो नया डेवलपमेंट आया है, इसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि एनडीए की तरफ से भी कोई बड़ी घोषणा की जा सकती है।

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