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तेजस्वी का बिहार सरकार पर हमला- बेशर्मों को अब भी शर्म नहीं, बिहार में ‘नो गवर्नेन्स ऐट ऑल’ है

Patna : बिहार में नीतीश शासन को ले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव फिर से हमलावर हो गये हैं। तेजस्वी ने नीतीश कुमार सरकार पर हमला बोलते हुये कहा है कि सरकार बेशर्म हो चुकी है और बेशर्मों को अब शर्म भी नहीं आती है। उन्होंने सरकार के कामकाज को लेकर सवाल उठाते हुये कहा है कि तमाम तरह की गड़बड़ियां हो रहीं हैं। इन गड़बड़ियों पर सिर्फ पर्देदारी हो रही है। फर्जी आंकड़ों के जरिये लोगों को ठगने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने एक खबर का हवाला देते हुये ट‍्वीट किया – बिहार में फ़र्जीवाड़े और भ्रष्टाचार की यह छोटी सी बानगी है। नीतीश सरकार ने कोरोना जाँच,दवा ख़रीद, एंबुलेंस, टीकाकरण के आँकड़ो में भारी फ़र्जीवाड़ा किया है। मुख्यमंत्री का अलग आँकड़ा है, स्वास्थ्य मंत्री का अलग और स्वास्थ्य विभाग का अलग। बेशर्मों को अब भी शर्म नहीं आ रही।

दरअसल बिहार में 17 जून को स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य मंत्री की ओर से जारी अलग-अलग टीकाकरण के आंकड़ों ने भ्रम पैदा कर दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने जहां ट्‌वीट कर एक दिन में देश में सबसे अधिक 6.62 लाख टीकाकरण का दावा किया, वहीं विभाग ने अपनी ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा कि 1,23,745 लोगों को ही टीका पड़ा है। मंगल पांडेय ने देश में सबसे अधिक रिकॉर्डतोड़ टीकाकरण के लिये बधाई तक दे दी, लेकिन शाम में जब विभाग की ओर से आंकड़ा जारी हुआ, तो हकीकत कुछ और निकली।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग तेज गति से टीकाकरण कर रहा है। यही नहीं, स्वास्थ्य विभाग की यह बड़ी उपलब्धि है कि 24 घंटे में रिकॉर्ड 6 लाख 62 हजार 507 लोगों को टीकाकृत कर सभी राज्यों से आगे रहा। पिछले 24 घंटे में 45 से 59 वर्ष के 76,013 लोगों को पहली खुराक एवं 8734 लोगों को दूसरी खुराक, 60 वर्ष से ऊपर 11,274 लोगों को पहली खुराक एवं 2825 लोगों को दूसरी खुराक दी गई है। 18 से 45 वर्ष के 5, 51,703 लोगों को पहली खुराक एवं 10607 लोगों को दूसरी खुराक दी गई है, जबकि विभाग के हिसाब से 107689 लोगों को टीके का पहला डोज दिया गया, जिसमें 18 प्लस का पहला डोज 78356 लोगों को पड़ा, जबकि 45 प्लस का पहला डोज 23431 लोगों को दिया गया। वहीं, 60 प्लस के ग्रुप में पहला डोज 5715 लोगों को दिया गया। वहीं, दूसरे डोज लेने वालों में 24 घंटे में 15456 लोग शामिल रहे।
इधर नेता प्रतिपक्ष ने मुजफ्फरपुर जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा सदर अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों में 780 पदों पर हुये नियोजन को गुरुवार को रद्द करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने ट‍्वीट किया है- बिहार में श्री नीतीश कुमार की अनुकंपाई सरकार कैसे चल रही है उसका यह नमूना मात्र है। एक होता है Good Governance, Bad Governance और No Governance.बिहार में No Governance at All है।
जिले में चिकित्सक और पारा मेडिकल स्टाफ के पदों पर हाल में हुई इन सभी नियुक्तियों को सिविल सर्जन डॉ. एसके चौधरी ने नियोजन की तिथि से ही रद्द कर दिया। नियोजन में बड़े पैमाने पर धांधली-रिश्वतखोरी की शिकायत और एक आवेदक का ऑडियो वायरल होने के बाद डीएम ने जांच कमेटी गठित की थी। डीडीसी के नेतृत्व में गठित जांच कमेटी ने भारी गड़बड़ी को सही बताया और नियोजन को रद्द करने की अनुशंसा की थी।

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