टॉर्च में बच्चे का इलाज होता रहा पैंतालीस मिनट तक सहरसा सदर हॉस्पिटल में। Image Source : Screengrab from viral video

तेजस्वी का नीतीश पर तंज- अपने स्वास्थ्य मंत्री पांडेय जी को बधाई भेज दीजिये, नायाब खोज के लिये

Patna : भारतीय जनता पार्टी के कोटे से बिहार में नीतीश कुमार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बधाई भेजा है। एक नई खोज के लिये। बिजली के अभाव में टॉर्च की लाइट और हाथ से झलते पंखे के बीच ऑपरेशन और इलाज के लिये। यह दृश्य कल सहरसा में दिखा। इसका वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया जिसमें डॉक्टर बता रहे हैं कि सर्पदंश की वजह से जब एक मासूम बच्चा इलाज के लिये अस्पताल पहुंचा तो बिजली गुल थी। इसी वजह से टॉर्च की रोशनी में डॉक्टर ने उसका इलाज किया। करीब पैंतालीस मिनट तक बिजली नहीं रही और इस दौरान बच्चे को एंटी वेनम वैक्सीन दिया गया। और तमाम उपाय डॉक्टरों ने किया। पूरा मंजर बेहद डरावना और आतंकित करनेवाला है। इससे जुड़े एक खबर को टैग करते हुये तेजस्वी ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को बधाई संदेश भेजा है।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ट‍्वीट किया- माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी, बिहार के अब तक के सबसे विफल और बड़बोले स्वास्थ्य मंत्री पांडेय जी, को 45 मिनट तक बिजली और ऑक्सीजन के अभाव में टॉर्च से इलाज करने की अति आधुनिक पद्धति खोजने पर बधाई भेज दीजिये। कोसी क्षेत्र के कथित बड़े-छोटे मंत्रियों को भी बधाई देना मत भूलियेगा।
इधर मंगल पांडेय ने इस मसले से पल्ला झाड़ लिया। दरअसल यह पूरा मामला ही स्वास्थ्य महकमे की हीलाहवाली से जुड़ा है। सहरसा सदर अस्पताल में एक मासूम बच्चे का इलाज टॉर्च में किया गया। अस्पताल में सांप काटने के बाद इलाज के लिये पहुंचे एक साल के छोटे बच्चे का इलाज मोबाइल फ्लैश की रोशनी में करना पड़ा। इस दौरान सदर अस्पताल में रौशनी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था ही नहीं थी। जेनरेटर भी नहीं चलाया जा सका। जेनरेटर में डीजल ही नहीं था। जबकि जेनरेटर की सुविधा के नाम पर लाखों रुपये के बिल का भुगतान होता रहा है। लेकिन जनरेटर में डीजल नहीं था। 45 मिनट तक इलाज के बाद जेनरेटर में तेल डालने के लिये कर्मचारी पहुंचा।
इस मामले को लेकर स्वास्थ्य महकमे की सोशल मीडिया पर बहुत थू-थू हो रहा है। लोग नीतीश कुमार की लानत मलामत कर रहे हैं तो कुछ लोग इसके लिये भी लालू-राबड़ी के पंद्रह वर्षों का कार्यकाल ही जिम्मेदार है।

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