गारमेंट फैक्ट्री की प्रतीकात्मक तस्वीर। Image Source : Social Media

बिहार में टेक्सटाइल और लेदर पॉलिसी जल्द, शीशा और सेरेमिक टाइल्स यूनिट‍्स लगाये जायेंगे

Patna : राज्य में जल्द ही टेक्सटाइल और लेदर पॉलिसी लाई जायेगी। सरकार को उम्मीद है कि बिहार में टेक्सटाइल और लेदर उद्योग के लिये अच्छी संभावनाएं हैं। सूबे के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा – बिहार में इस वक्त उद्योगों के लिये अनुकूल माहौल है। बिजली, सड़क और सुशासन पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जो काम किया उससे आज राज्य में कारोबारियों और उद्यमियों की दिलचस्पी काफी बढ़ गई है। कोरोना काल में बिहार में सबसे अधिक निवेश प्रस्ताव मिले हैं। राज्य के औद्योगिकीकरण के लिये इथेनॉल नीति पूरी तरह सफल रही है। उद्योग विभाग टेक्सटाइल और लेदर पॉलिसी बनाने की तैयारी में है। बिहार-झारखंड सीमा पर विभाग शीशा और सेरेमिक टाइल्स यूनिट‍्स के लिये प्रयास कर रहा है।

उन्होंने महिलाओं और युवाओं से अपील की है कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजनाओं के लिये आवेदन करने में जल्दबाजी न करें। पूरी तैयारी के साथ और सावधानी से फॉर्म भरें। पूरे देश में पहली बार ऐसी कोई योजना लागू हुई है, जिसमें 10 लाख तक की राशि उद्योगों या स्वरोजगार के प्रोत्साहन के लिये युवाओं को दिया जा रहा है। इसके लिए आवेदन करने से पहले पैन कार्ड और करंट अकाउंट जरूरी है। उद्योग मंत्री ने मुजफ्फरपुर की औद्योगिक योजनाओं के बारे में जानकारी ली और कहा कि निवेश प्रस्तावों के मामले अभी मुजफ्फरपुर सबसे आगे हैं। हालांकि, सरकार हर जिले में औद्योगिक विकास हो इस दिशा में काम कर रही है। कई जगहों पर बियाडा की जमीनों की कीमत को लेकर काफी विसंगतियां हैं। जमीन की युक्तिसंगत कीमत तय करने पर उनका विभाग काम कर रहा है, जिसके बाद बाकी इलाकों में भी निवेश प्रस्ताव तेजी से आयेंगे।
इधर भाजपा के छोटे मोदी ने बैंकों के उदासीन रवैये पर सवाल खड़ा किया है। सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार में कोविड काल में महज 28,531 फुटपाथी दुकानदारों को ही 10-10 हजार रुपये का बिना मॉर्गेज का लोन मिल पाया है, जबकि लक्ष्य 1.20 लाख निर्धारित किया गया था। वहीं, राज्य के 115 नगर निकायों में चिह्नित कर जिन 1.28 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को वेंडिंग सर्टिफिकेट दिया गया, उनमें से भी 52,498 को ही आई कार्ड निर्गत किया जा सका है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में फुटपाथी दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हुआ। ऐसे कारोबारियों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत पहली जून, 2020 से ‘आत्मनिर्भर अभियान’ के तहत 10 हजार रुपये तक का ऋण बिना किसी मॉर्गेज महज 7 प्रतिशत ब्याज पर देने का प्रावधान किया। इस योजना के तहत 44,292 आवेदन स्वीकृत किये गये, जबकि बैंकों ने 28,531 को ही ऋण उपलब्ध कराया है।

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