भ्रष्टाचार की प्रतीकात्मक तस्वीर।। Image Source : live bihar

घूस को “सिस्टम” और “जायज” बतानेवाला इंजीनियर थाने से ही बरी, बोला था- मुंह खोलूंगा तो भूकंप आयेगा

Patna : जिस सुप्रीटेंडिंग इंजीनियर अनिल कुमार सिंह ने दो दिन पहले सरकारी सिस्टम को आइना दिखाते हुये कहा था – जो ईमानदारी से काम करते हैं, उनसे पूछिये हालात कैसे हैं? घूस नहीं लेंगे, ईमानदारी से काम करेंगे तब भी मरेंगे और अगर पैसे लेकर सिस्टम का हिस्सा बनेंगे तो षड‍्यंत्र के तहत मेरे जैसे शिकार सामने आयेंगे। लेकिन यही हकीकत है कि हम सिस्टम का हिस्सा हैं। अब अगर ज्यादा मुंह खोल दूंगा तो पटना तक भूकंप आ जायेगा।
– आज बरी हो गया।
जी हां, जिस इंजीनियर के पास से 67 लाख रुपये कैश मिले थे, हम कैश देखकर हैरत में थे और पुलिस ने उसे निजी मुचलके पर थाने से ही छोड़ दिया। तर्क यह है कि वे जांच में सपोर्ट करते रहेंगे। अब इससे आगे सवाल कौन करेगा? नेताओं के चंदे का क्या होगा? नेतागिरी चलेगी कैसे?


तो क्या वास्तव में अगर भेद खुल गया तो कइयों के मुंह दिखाने के लायक नहीं बचेंगे। जो बड़े चेहरे हैं? इशारे में सब बात कर रहे हैं, कोई खुलकर नाम नहीं बता रहा। यह बात तो लेकिन तय है कि पैसा एक बड़े कद‍्दावर सरकारी तंत्र के मुखिया के लिये था। नाम का पता तो अब शायद चलेगा भी नहीं लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने नेकनामी दिखाते हुये इशारा जरूर किया है। लेकिन सच का सामना कौन करेगा।
बताया गया है कि ग्रामीण कार्य विभाग के सुप्रीटेंडिंग इंजीनियर अनिल कुमार सिंह के दरभंगा स्थित आवास से बरामद जमीन के 25 दस्तावेज मंगलवार को विशेष निगरानी अदालत में पेश किये गये और 67 लाख रुपये जब्त कर लिये गये हैं। एसएसपी जयंत कांत ने बताया – यह मामला आर्थिक अपराध इकाई को भेजा जा रहा है। अब घटना की जांच एएसपी करेंगे। फिलहाल इंजीनियर को थाने से निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया है। उन्होंने जांच में सहयोग का आश्वासन दिया है।
अधीक्षण अभियंता ने सोमवार को पूछताछ के दौरान अधिकारियों से कहा था कि अगर उसने मुंह खोला तो पटना तक धमाका होगा। पिछले दो दिनों से आयकर, ईओयू और पुलिस अधिकारी उससे मैराथन पूछताछ कर रहे थे।
एएसपी वेस्ट सैयद इमरान मसूद ने जब्त लैपटॉप और मोबाइल को जज के सामने पेश किया। बताया कि इंजीनियर ने लैपटॉप चालू नहीं किया है। इस वजह से इसमें क्या सबूत या आंकड़े हैं, इसकी जांच नहीं हो पाई है। साथ ही जब्त की गई धनराशि कोषागार में जमा करा दी जायेगी। विशेषज्ञों की मदद से जब्त किये गये लैपटॉप के डेटा की जांच की जायेगी। फाकुली ओपी अध्यक्ष उदय कुमार सिंह के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में आईपीसी की धारा 424 और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(1बी) लगाई गई है।
दारेगा ने बयान में कहा है कि दरभंगा के लहेरिया सराय थाना अंतर्गत बरहेटा रोड स्थित अपार्टमेंट के फ्लैट से जब्त किये गये 25 दस्तावेजों में से अधिकांश 70 के दशक के हैं। एक दस्तावेज में ढाई बीघा जमीन है। जब्त सूची में दर्ज दस्तावेज के मुताबिक जमीन की राशि पुलिस ने नहीं दिखाई है। दस्तावेज़ में 16 केवला हैं। इसमें इंजीनियर के पिता सत्यनारायण सिंह के नाम 5 केवला, 6 सादा स्टांप पेपर, प्रेमलता देवी के नाम 4 केवला, एक महदनामा और दो बिक्री बांड पत्र, एक केवला जनक नंदनी देवी, एक एक केवला जामुन महते, गणैर महतो के नाम पर है। जमीन के दस्तावेज पुराने होने के कारण सारी जमीन को पैतृक संपत्ति माना जा रहा है। इसकी जांच आर्थिक अपराध इकाई करेगी।

बताते चलें कि शनिवार को इंजीनियर की गाड़ी जब्त हुई थी उसमें 18 लाख कैश थे। बाद में उनके आवास पर छापेमारी कर 49 लाख रुपये कैश जब्त किये गये। रविवार को इंजीनियर अनिल कुमार ने पैसा लेने के लिए वर्क कल्चर को जिम्मेदार ठहराया था। उसने पूछताछ में जोर देकर कहा था कि प्रखंड स्तर पर पदस्थापित इंजीनियर से लेकर पटना तक जो पैसा नहीं ले रहा है और नहीं लेता है, क्या वह अपना काम शांति से कर पा रहा है?

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