बिहार में दिखने लगा यास का असर, तेज हवाओं के साथ अधिकांश जिलों में तेज बारिश, येलो वार्निंग

PATNA : बिहार में यास का असर दिखने लगा है। यहां तेज हवाओं के साथ बारिश तो हो रही है लेकिन असर धीमा है। यास से निपटने को तैयारी व्यापक पैमाने पर की जा रही है। दक्षिण बिहार के जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। कैमूर के रास्ते इसके गुरुवार सुबह तक बिहार में प्रवेश की संभावना है। बुधवार से ही इसका प्रभाव शुरू हो गया है। गुरुवार को प्रवेश के साथ ही राज्य पर इसका विशेष प्रभाव दिखेगा। तूफान का विशेष प्रभाव दो दिन यानी 27 से 28 मई तक रहेगा। इस दौरान राज्य में 40 किलोमीटर प्रति प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। मौसम विभाग ने इसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।https://twitter.com/MithilaWeather/status/1397763284388913160?s=20

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि बुधवार को ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कहर बरपाने ​​​​के बाद चक्रवात यास गुरुवार को धीरे-धीरे एक गहरे दबाव में कमजोर पड़ गया है। चक्रवाती तूफान ‘यास’ कमजोर होकर एक गहरे दबाव में बदल गया और 26 मई को भारतीय समयानुसार 2330 बजे दक्षिण झारखंड और इससे सटे उत्तरी आंतरिक ओडिशा पर केंद्रित हो गया है। आईएमडी ने गुरुवार की सुबह ट्विटर पर पोस्ट किया- अगले 12 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और धीरे-धीरे इसके कमजोर होने की संभावना है।
झारखंड को हाई अलर्ट पर रखा गया था और लोगों को बाहर निकलने से रोकने के लिए राज्य के कुछ हिस्सों में पूर्ण तालाबंदी लागू कर दी गई थी, क्योंकि अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वालों को निकाला और राज्य में चक्रवात के आने की उम्मीद से पहले उन्हें तूफान केंद्रों में स्थानांतरित कर दिया। अधिकारियों ने बुधवार को को बताया कि 10,000 लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में ले जाया गया है। आपदा प्रबंधन सचिव अमिताभ कौशल ने बताया- चक्रवाती तूफान यास की चपेट में आने वाले कुछ अन्य जिलों के अलावा पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम के संवेदनशील इलाकों में युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
चक्रवात यास की 130-145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ बुधवार को देश के पूर्वी तटों पर भारी बारिश हुई, घरों और खेतों को नुकसान पहुंचा, और कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। तीन ओडिशा में और एक बंगाल में। पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त सूरज कुमार ने कहा- हमने 310 आश्रय गृह स्थलों पर 10,767 लोगों को निकाला है और निकासी अभियान जारी है। हमारे कुल 848 गांव इससे प्रभावित हैं। हम किसी भी हताहत को रोकने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं।
पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त राजकमल ने कहा- हमने 1,065 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, जबकि आवश्यक सेवाओं को छोड़कर जिले में आज और कल के लिए तालाबंदी की घोषणा की गई है। उपायुक्त सरायकेला-खरसावां ने कहा कि ओडिशा की सीमा से लगे तियासारा नदी के पास सुरक्षा अभियान जारी है। साहिबगंज, गोड्डा, पाकुड़, गढ़वा और पलामू जिलों में 52-61 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।
झारखंड के इतिहास में यह पहली बार है कि राज्य इतने भीषण चक्रवाती तूफान का सामना कर रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों से किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। सोरेन ने कहा- राज्य सरकार, जिला प्रशासन, एनडीआरएफ की टीमें उच्च सतर्कता पर हैं और लोगों से घर के अंदर रहने को कहा।

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