बेटे ने रिटायर्ड डीएसपी पिता की जमीन-मकान को बंधक रख लाखों ठगे, भेद खुलते ही फरार, मोबाइल बंद

Patna : रिटायर्ड डीएसपी के इकलौते बेटे ने अपने पिता को बुढ़ापे में ठगकर सड़क पर लाने का पूरा इंतजाम कर लिया था। लेकिन इससे पहले कि बेटे के पाप का घड़ा भरता और बाप अपने जायदाद व मकान से बेदखल होता उससे पहले ही पिता के सामने राज खुल गया। सबकुछ बैंक से मिलीभगत कर बेटे ने अंजाम दिया था लेकिन बैंक के एक अदने से कर्मचारी ने नियमों के पालन की प्रक्रिया में सारा भेद पिता के सामने खोल दिया। और बेटे को देखिये। उसे जैसे ही पता चला कि उसके पिता को उसकी जालसाजी और काले कारनामों का पता चल गया है वो अपनी पत्नी बच्चों को घर पर ही छोड़कर भाग गया। उसने अपना मोबाइल भी स्विच ऑफ कर लिया। बहू भी बच्चों को लेकर मायके चली गई। अब रिटायर्ड डीएसपी अपनी जमीन मकान बचाने के लिये खुद पुलिस की शरण में गया है।
बोरिंग रोड के हॉस्पिटो इंडिया लेन में रहनेवाले रिटायर्ड डीएसपी आरएस शर्मा के नाम पर 13 नवंबर 2019 को 14.70 लाख, 29 जून 2020 को 11.25 लाख और 26 अक्टूबर 2020 को 2.92 लाख रुपये तीन अलग-अलग प्रॉपर्टी पर लोन जारी किया गया। यह तीन लोन एक्सिस बैंक के बोरिंग रोड लोन सेंटर ने बिहार पुलिस सेवा से रिटायर्ड डीएसपी के नाम पर दिया, लेकिन रिटायर्ड डीएसपी को भनक भी नहीं लगी। पैसे भी फर्जी तरीके से उनके इकलौते बेटे के हाथ लग गये जबकि लोन पिता के नाम से जारी हुआ था। अगर लोन उनके नाम से सैंक्शन था तो पैसा भी उनके अकाउंट में आना चाहिये था।
इस मामले में बैंककर्मी रिपोर्ट बनाने आया 20 अगस्त 2021 को। बैंककर्मी से इस लोन की जानकारी मिली तो रिटायर्ड डीएसपी का माथा ठनका। कागजातों पर उनके हस्ताक्षर दिखे तो और चौंके। कुछ ही घंटों में तीसरा झटका तब लगा, जब पता चला कि उनके इकलौते बेटे ने यह लोन उठाया है। इधर मामला खुला और उधर शादीशुदा बेटा अपनी पत्नी और बेटे-बेटियों को वहीं छोड़ फरार हो गया। उसने मोबाइल बंद कर लिया। 3 सितंबर तक कोई उपाय नहीं देख श्रीकृष्णापुरी थाने में बेटे के साथ बैंक के लोन सेंटर अधिकारी पर एफआईआर कर दिया। एफआईआर की जानकारी के बाद शनिवार को बच्चों को लेकर बहू मायके चली गई।
रिटायर्ड डीएसपी आरएस शर्मा बोरिंग रोड में हॉस्पिटो इंडिया लेन के पास रहते हैं। उन्होंने अपने बेटे पारिजात मनु और एक्सिस बैंक के लोन अधिकारी व मैनेजर पर थाने में षड़यंत्र और आपराधिक धाराओं 406, 420, 465, 467, 468, 471, 120बी और भारतीय दंड विधान 34 के तहत केस दर्ज कराया है। आवेदन में लिखा है कि उनके बेटे पारिजात मनु ने घर के आलमीरे से जमीन के कागजात चुराकर उनके फर्जी हस्ताक्षर पर कुल 28.87 लाख रुपये लोन उठाया है।

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