गंगा का पानी रिहाइशी इलाकों में घरों में प्रवेश कर गया है। Image Source : ANI

गंगा का पानी घरों में फर्स्ट फलोर तक भर गया है, लाखों लोग घर छोड़कर भाग रहे हैं

New Delhi : गंगा नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटों में बढ़ गया है, जिससे बिहार के पूर्वी हिस्से में स्थित दीदारगंज क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। बिहार और उत्तर प्रदेश, झारखंड और असम इन राज्यों के 50 से अधिक केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) स्टेशनों के आंकड़ों के अनुसार गंगा के आसपास के इलाके बाढ़ से खतरे में हैं। सीडब्ल्यूसी के बाढ़ बुलेटिन ने आगे खुलासा किया कि बिहार में 18 और उत्तर प्रदेश में सात स्टेशनों पर भीषण बाढ़ की स्थिति दिखाई दे रही है। बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार और शनिवार को गंगा नदी का पानी कुछ और इलाकों में घुस जाने के बाद बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में गंगा नदी का जल स्तर बढ़ गया है, जिससे राज्य की राजधानी के पूर्वी हिस्से में स्थित दीदारगंज क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है।

सोनामा पंचायत, खासपुर, जेठौली और पुनाडीह पंचायत सहित अन्य सबसे अधिक प्रभावित स्थान हैं। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरा, सारण समेत सड़क मार्ग से बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। प्रभावित लोगों का हाल जाना। अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने का निर्देश दिया। गंगा का जलस्तर बढ़ने की वजह से पटना (बिहार) से मुर्शिराबाद (पश्चिम बंगाल) तक, प्रयागराज से बलिया (दोनों उत्तर प्रदेश) तक और डाउनस्ट्रीम से यह बढ़ती प्रवृत्ति के साथ बह रही है। इससे आसपास के इलाके गंभीर बाढ़ के संकट में हैं। प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर (यूपी), बक्सर, पटना, मुंगेर, और भागलपुर (बिहार), साहिबगंज (झारखंड) और मालदा, और मुर्शिराबाद (पश्चिम बंगाल) जिलों में अलर्ट रखा गया है। अगले दो से तीन दिनों में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गंगा के जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका है।

वर्तमान में पिछले सप्ताह यमुना की सहायक नदियों में उत्पन्न बाढ़ गंगा से होकर गुजर रही है और इसे पूरी तरह से गुजरने में तीन से पांच दिन और लग सकते हैं; ऐसी स्थिति में, गंगा की उत्तरी सहायक नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में तीव्र वर्षा के कारण बना एक और अपवाह आसानी से गंगा में प्रवाहित नहीं हो सकता है। सीडब्ल्यूसी ने कहा कि बलिया और प्रयागराज (यूपी), और सारण, भागलपुर, कटिहार (बिहार) जैसे जिलों में बाढ़ की स्थिति और बढ़ सकती है।

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