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इस साल भी डाकबंगला चौराहे पर नहीं लगेगी मां दुर्गा की प्रतिमा, सिर्फ कलश पूजा, बोरिंग रोड, बंगाली अखाड़ा में तैयारी

Patna : इस बार पटना में तो पूरे जोर शोर से दुर्गापूजा बनाने की तैयारी चल रही है लेकिन डाकबंगला चौराहे के पंडाल में मूर्ति नहीं होगी। यह लगातार दूसरा साल है जब डाकबंगला चौराहे पर भक्त मां दुर्गा के दर्शन नहीं कर पायेंगे। इस साल भी दुर्गा पूजा बिना मूर्ति के होगी। मां दुर्गा का फोटो लगाकर कलश की पूजा की जायेगी। पंडाल भी बेहद छोटा बनाया जायेगा। हालांकि तारामंडल से डाकबंगला चौराहे तक रोशनी की व्यवस्था अच्छी रहेगी। डाकबंगला चौराहा दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि अन्य राज्यों में कोरोना संक्रमण को देखते हुये मूर्ति नहीं लगाई जा रही है। अगर हम मां दुर्गा की मूर्ति की स्थापना करते हैं, तो भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल होगा। इसलिए समिति द्वारा कोरोना संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने के लिये कलश पूजा करने का निर्णय लिया गया है। यदि वर्ष 2022 में कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं मिलते हैं तो भव्य दुर्गा पूजा का आयोजन किया जायेगा।

खाजपुरा, बंगाली अखाड़ा और बोरिंग रोड चौराहे के पास मां दुर्गा की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। शानदार रोशनी होगी। बोरिंग रोड चौराहा पूजा समिति के अध्यक्ष उमेश सिंह ने बताया कि प्रतिमा बनाने का आदेश दे दिया गया है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में मूर्ति को अंतिम रूप देकर कारीगर को सौंप दिया जायेगा। खाजपुरा समिति के महासचिव पुनील कुमार ने बताया कि छोटी मूर्ति स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, बंगाली अखाड़ा पूजा समिति के कार्यकारी अध्यक्ष समीर रॉय ने कहा कि बंगाल के कारीगर मूर्तियां बना रहे हैं। इस बार मां दुर्गा का भी भोग लगाया जायेगा। दुर्गा पूजा का आयोजन धूमधाम से किया जा रहा है।
उधर राजधानी की अन्य पूजा समितियों ने दुर्गा पूजा के आयोजन के लिए स्थानीय थाने से लाइसेंस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पंडाल निर्माण की प्रक्रिया 25 सितंबर से शुरू होगी. अक्टूबर के पहले सप्ताह में कारीगर पंडाल को फाइनल टच देंगे। अधिकांश पूजा समितियां 15 फीट चौड़े और 20-30 फीट ऊंचे पंडाल का निर्माण करेंगी।

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