Unlock 4- बिहार में चार दिन बाद खुलेंगे स्कूल? जानिए क्या है SOP

पटना

अनलॉक 4 के तहत जारी गाइडलाइंस के अनुसार अब 21 सितंबर से कक्षा 9-12 तक के लिए स्कूलों को खोलने की अनुमति दे दी गई है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस कोरोना महामारी के दौर में छात्रों के लिए स्कूल जाना सुरक्षित होगा ? हालांकि इसको ध्यान में रखते हुए स्कूल खोलने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने एसओपी यानि स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी कर दिया है।

इस एसओपी में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कई तरह के नियमों को शामिल किया है। स्कूलों को खोलने के लिए स्कूल प्रबन्धकों को इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है। बिहार में भी 21 सितंबर से कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए स्कूल खोले जा रहे हैं। पटना के जिला प्रशासन ने इसके लिए एसओपी जारी भी कर दिया है। इसके तहत कंटेनमेंट ज़ोन के बाहर के स्कूलों को खोलने की अनुमति है।

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बता दें कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने की अनुमति होगी। हालांकि इसमें कई टेक्निकल पॉइंट है, जिसे स्कूल प्रबंधकों के साथ-साथ अभिभावकों को भी समझना जरूरी है। 9वीं से 12वीं के छात्रों को स्कूल जाने के लिए अपने परिजनों से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही राज्य में 21 सितंबर से कंटेनमेंट जोन के बाहर के स्कूलों को 50 फीसद शैक्षिक और गैर शैक्षिक स्टाफ को बुलाने की अनुमति दे दी गई है। इसके लिए प्रशासन ने अलग से एसओपी जारी किया है।

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आइये आपको स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एसओपी के नियमों के बारे में बताते हैं। इसमें सोशल डिस्‍टेंसिंग और पर्सनल हायजीन के अलावा कई व्‍यवस्‍थागत नियमों को डाला गया है। इसके तहत कोई भी स्कूल छात्रों पर स्कूल आने के लिए दबाव नहीं डाल सकता है। छात्र वॉलेंटियरी बेसिस पर स्कूल जा सकते हैं।

एसओपी के अनुसार स्टूडेंट्स के बीच कमसे कम 6 फीट की दूरी बनाए रखने को कहा गया है। इसके साथ ही सभी के लिए फेस मास्क अनिवार्य होगा। बायोमेट्रिक से अटेंडेंस न लेने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही स्कूल में एंट्री के वक़्त सभी का थर्मल स्कैनिंग के जरिये तापमान लेने और सैनेटाइजेशन की सुविधा को भी अनिवार्य किया गया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी स्कूलों को पल्स ऑक्सिमीटर का इंतेजाम करना ज़रूरी है। वहीं स्कूल परिसर में किसी भी तरह की खेल या शारीरिक गतिविधियों पर पाबंदी लगाई गई है।

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इन सभी नियमों को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स में शामिल किया गया है। अगर इन नियमों में से किसी भी नियम का पालन स्कूल प्रबंधन द्वारा नहीं किया जाता है तो उनके खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। आप इन नियमों को स्वास्थ्य मंत्रालय की आधिकारिक साइट पर जा कर देख सकते हैं।

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