डॉ. संजय जयसवाल, नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा की फाइल फोटो।

उपेंद्र बोले- अच्छा है जनसंख्या नियंत्रण का बिल, डॉ. संजय बोले- यूपी के बिल में कई अच्छे प्रावधान

Patna : भारतीय जनता पार्टी के दो खास एजेंडों-जनसंख्या नियंत्रण कानून और समान नागरिक संहिता पर जदयू बिल्कुल अलग राय रखती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद कहा-मैं जनसंख्या नियंत्रण कानून के पक्ष में नहीं हूं। महिलाओं को शिक्षित करिये, जनसंख्या नियंत्रण खुद हो जायेगा। वहीं समान नागरिक संहिता लागू करने के सवाल पर उनका कहना था कि संविधान में यह किस नंबर पर है? आर्टिकल 44 की बात हो रही है न। जरा आर्टिकल 47 भी देख लीजिये। आर्टिकल 47 में नशीले पदार्थों पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने की बात है। हमने बिहार में शराबबंदी लागू कर दी है। संविधान की सब चीजों पर ध्यान देते हैं, तो शराबबंदी पर भी ध्यान दीजिये। पूरे देश में शराबबंदी कर दीजिये।

नीतीश कुमार ने सोमवार को जनता दरबार के बाद मीडिया से साफ कहा कि इन दो मसलों पर वे भाजपा की नीतियों को नहीं मानते हैं।
जहां एक ओर नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी के इन दो मुद‍्दों को सिरे से खारिज कर दिया वहीं जदयू संसदीय दल के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने जनसंख्या नियंत्रण कानून का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जहां भी इस कानून को लेकर पहल की जा रही है, उसकी मैं सराहना करता हूं। जनसंख्या नियंत्रण की बात होनी ही चाहिये, क्योंकि अगर इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो विकास कितना भी हो जाये, लोगों को उसका पूरा लाभ नहीं मिल पायेगा। इसलिये जनसंख्या नियंत्रित करने को लेकर जहां कहीं भी पहल हो रही है, हम उसका स्वागत करते हैं। बिहार में कब क्या होगा, इस पर सरकार को काम करना है।
इधर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने कहा है कि जनसंख्या वृद्धि की गति को देखते हुये इसपर प्रभावी रोक के लिये स्पष्ट नीति तो बनानी ही होगी। दो बच्चों को लेकर यूपी के प्रस्तावित कानून में कई अच्छे प्रावधान हैं। खासकर एक बच्चे वालों को प्रोत्साहन देने की नीति बहुत अच्छी और प्रभावित करने वाली है। यूपी सरकार की पहल तारीफ योग्य है। जनसंख्या नियंत्रण की ऐसी नीतियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिये। दूसरी ओर, सांसद सुशील मोदी ने कहा है कि आर्थिक विकास व उपलब्ध संसाधनों पर जनसंख्या वृद्धि का सीधा दुष्प्रभाव पड़ रहा है। जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण आज भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिये चुनौती बना हुआ है। इसका संबंध किसी धर्म से नहीं है। जनसंख्या नियंत्रण में शिक्षा सबसे कारगर हथियार है। बिहार में यह दिखा भी है।

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