जहरीली शराब में जान गंवानेवाले अपने पिता के शव से लिपटकर बिलखते बच्चे। Image Source : Screengrab

त्यौहार में मातम- जहरीली शराब से अब तक 33 लोगों ने जान गंवाई, मंत्री बोले- बदनाम करने की साजिश

Patna : बिहार में जहरीली शराब पीने से पिछले तीन दिनों में 33 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य बीमार हो गये हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोपालगंज में 18 और पश्चिमी चंपारण में 15 मौतें हुई हैं। पश्चिम चंपारण जिले के मुख्यालय बेतिया के तेलहुआ गांव में गुरुवार को शराब पीने से 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि गोपालगंज में संदिग्ध नकली शराब के सेवन की एक अन्य घटना में गुरुवार को मरने वालों की संख्या 18 हो गई।
गोपालगंज पहुंचे बिहार के मंत्री जनक राम ने संवाददाताओं से कहा- मैंने उन लोगों के घरों का दौरा किया है जिनकी कथित तौर पर नकली शराब पीने से मौत हुई थी। यह एनडीए सरकार को बदनाम करने की साजिश हो सकती है।

गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार ने कहा- पिछले दो दिनों में जिले के मुहम्मदपुर गांव में कुछ लोगों की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई है। उनकी मौत के कारण की पुष्टि नहीं की जा सकती क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अभी इंतजार है। तीन टीमें मामले की जांच कर रही हैं।
स्थानीय पुलिस ने कहा कि कुछ शवों का उनके परिवारों ने अंतिम संस्कार कर दिया है। इधर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार पर साधा निशाना है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर कहा कि राज्य सरकार मौतों के लिये जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही है।
राजद प्रमुख लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी ने कहा कि नकली शराब के कारण राज्य में अब तक 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। तेजस्वी ने ट्वीट कर कहा- मुख्यमंत्री पुलिस और माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय सिर्फ शराब पीने वालों को सबक सिखाने की धमकी दे रहे हैं।
दोनों जिलों के प्रशासन ने अब तक मौतों के कारणों की पुष्टि नहीं की है। पिछले दस दिनों में उत्तरी बिहार में तेलहुआ जहरीली शराब की घटना तीसरी ऐसी घटना है। 20 से अधिक व्यक्तियों, जिनमें ज्यादातर अनुसूचित जाति के थे, ने कथित तौर पर इलाके के स्थानीय व्यापारियों द्वारा बेची जा रही नकली शराब का सेवन किया था और पुलिस ने उनकी पहचान कर ली है।
पश्चिम चंपारण में मृतकों की पहचान तेलहुआ गांव के वार्ड 2, 3 और 4 के निवासी के रूप में हुई है। ग्रामीणों ने दावा किया कि सभी पीड़ितों ने बुधवार शाम तेलहुआ गांव के चमारटोली इलाके में शराब का सेवन किया था। शराब पीने के बाद, उनमें से आठ की हालत बिगड़ गई और उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी जान चली गई।

 

ऐसी खबरें हैं कि कुछ और ग्रामीणों ने भी शराब का सेवन किया था, जिन्हें क्षेत्र के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इस साल जनवरी से 31 अक्टूबर तक नवादा, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीवान और रोहतास जिलों में कथित रूप से नकली शराब पीने से करीब 70 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य की आंखों की रोशनी चली गई है।

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