छात्राें के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।

खगड़िया में 20 करोड़ से बनेगा महिला आईटीआई, जल्द शुरू होगा भवन निर्माण

पटना : खगड़िया में महिला शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। यहां महिला औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र (आईटीआई) का निर्माण किया जा रहा है। सदर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मत्स्य विभाग के कार्यालय के पीछे इसका निर्माण किया जाना है। इसके लिए 3 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई है। महिला आईटीआई के भवन निर्माण पर 19 करोड़ 99 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इससे जी प्लस थ्री बिल्डिंग बनाई जाएगी, जिसका डीपीआर बनाकर भवन निर्माण विभाग को भेजा गया है। विभाग से डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद टेंडर निकाला जाएगा। इस बारे में भवन निर्माण विभाग के कनीय अभियंता नवीन कुमार ने बताया कि 27 मार्च को टेंडर खुलेगा। टेंडर फाइनल होने के बाद महिला आईटीआई के भवन निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा। बता दें महिला आईटीआई निर्माण के लिए 25 जून 2021 को श्रम संसाधन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया था। इसके बाद भवन निर्माण के लिए भवन निर्माण विभाग को डीपीआर भेजा गया। कनीय अभियंता नवीन ने बताया कि महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का निर्माण जल्द ही पूरा कराया जाएगा। डेढ़ साल के अंदर में महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।

शिक्षण संस्थान। फाइल फोटो

बिल्डिंग में रहेंगी यह सभी सुविधाएं
आईटीआई कैंपस में हॉस्टल, स्टाफ क्वार्टर, प्राचार्य और उप प्राचार्य आवास, एकेडमिक भवन, क्लास रूम, सेमिनार हॉल आदि बनाए जाएंगे। चार मंजिला एकेडमिक रूम और गर्ल्स हॉस्टल बनेगा। स्टाफ के लिए दो मंजिला बिल्डिंग बनाई जाएगी। वहीं, प्राचार्य और उप प्राचार्य के लिए ग्राउंड फ्लोर पर एक मंजिला आवास बनेगा। आईटीआई में दाखिले के लिए छात्राओं को अब दूसरे जिले में नहीं जाना पड़ेगा। उनके गृह जिले में भी एक ही छत के नीचे उन्हें पढ़ाई और प्रशिक्षण मिलेगा। एक सत्र में 200 छात्राओं का नामांकन लिया जाएगा। इस संस्थान में इलेक्ट्रीशियन, फीटर, डीजल मैकेनिक एवं वेल्डर का कोर्स कराया जाएगा। नए भवन में छात्राओं को सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। क्लास से लेकर वर्कशॉप तक आधुनिक रहेगा।

सभी आईटीआई बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
बिहार के सभी आईटीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे। इसके लिए श्रम संसाधन विभाग और टाटा टेक्नोलॉजी के बीच समझौता हुआ है। यह समझौता करने वाला बिहार दूसरा राज्य है। इससे पहले टाटा ने कर्नाटक सरकार यह समझौता किया था। बिहार के सभी आईटीआई को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए टाटा 5436.22 करोड़ रुपए खर्च करेगी। दिसंबर के अंत तक 60 आईटीआई और 2023 के अंत तक बचे हुउ 89 आईटीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बन जाएंगे। यहां उद्योगों की नई जरूरत के मुताबिक 23 नए कोर्स शुरू होंगे। इनमें हर साल 15 हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण देने वाली कंपनियां ही इन्हें रोजगार दिलाने में सहायक होंगी। बता दें सूबे के श्रम संसाधन मंत्री जिवेश कुमार की मौजूदगी में सोमवार को टाटा टेक के साथ समझौता हुआ है। इस दौरान रोजगार एवं प्रशिक्षण निदेशक विजय प्रकाश मीणा और टाटा टेक्नोलॉजी के अध्यक्ष पवन भगेरिया ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया।

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