हाजीपुर में 1.19 करोड़ की लूट में महिलाएं भी शामिल थीं, कई डाकों में सकरा गैंग को लीड दिया

Patna : हाजीपुर एचडीएफसी बैंक लूट कांड का उद‍्भेदन निकट है। इस मामले में सात लोगों को पकड़ा गया है। हद तो यह है कि समाज में हर जगह अपना प्रतिनिधित्व जोरदार ढंग से प्रस्तुत कर रही महिलाओं ने इस बड़े बैंक डकैती में भी अपनी भूमिका निभाई। एक तरह से तो वे लीडर की भूमिका में रहीं। निगहबानी से लेकर माल टपाने तक में उनकी भूमिका बेहद कारगर रही। पुलिस ने दो महिलाओं को पकड़कर कड़ी पूछताछ की तो पूरे कांड की परत दर परत खुलती चली गई। पुलिस को सबसे पहला क्लू सीसीटीवी से मिला था, जिसमें डकैती से ठीक पहले बुर्के में एक संदिग्ध महिला दिखी थी। उसकी एक्टिवीटी सही नहीं थी। बड़ा सवाल यह था कि बुर्के के अंदर कौन थी? अब उसका जवाब मिल गया है।
अभी तक की जांच मे यह बात तय हो गई है कि हाजीपुर एचडीएफसी बैंक लूटकांड में सकरा के गैंग ने डाका डाला था। सकरा का यह गैंग इन दिनों आपराधिक वारदातों को लेकर कुछ ज्यादा ही सक्रियता दिखा रहा है। दरअसल मुजफ्फरपुर के सकरा ब्लॉक के आसपास के गांवों से सात लोग गिरफ्तार किये गये हैं। इसमें दो महिला भी शामिल है। सूबे में बैंक लूट की सकरा में बड़ी गिरोह का उद्भेदन पुलिस टीम ने किया है। यह गिरोह लगातार समस्तीपुर, वैशाली और मुजफ्फरपुर जिले में बैंक लूट की घटना को अंजाम दे रहा था। गिरफ्तार बैंक लुटेरों के घर और निशानदेही पर हाजीपुर बैंक से लूटे गये करीब 99 लाख रुपये भी पुलिस की विशेष टीम ने बरामद किया है। बैंक से एक करोड़ 19 लाख 777 रुपये लुटेरों ने लूटा था। अभी इस बैंक लूट कांड में सकरा के कुछ और लुटेरे की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
पुलिस टीम ने सकरा के केशोपुर गांव के मो अरमान एवं इसकी पत्नी अजमेरी खातून, सहदुल्लापुर गांव की आशा देवी, ओम प्रकाश, भेरगरहा सहदुल्लापुर के मुकेश राम, सकरा बरियारपुर ओपी के मो आलीम, सिमरी के प्रभात कुमार उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया है। जबकि सहदुल्लापुर के आशा देवी के पुत्र इंद्रसेन उर्फ भुल्ला के भी गिरफ्तार होने की अपुष्ट खबर है। इस गैंग की मोडस ऑपरेंडी भी अभी चर्चा का विषय बनी हुई है। गैंग की महिलाएं ही लूट से पहले बैंक का रेकी करती हैं और भागने के रास्तों की पड़ताल भी इनके हाथ ही होती है।

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